गुरेह गांव में बिजली संकट के विरोध में जाम लगाए ग्रामीण।
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बांदा। मंडल मुख्यालय से आठ किलोमीटर दूर गुरेह गांव में पिछले एक पखवारे से लो-वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों का मंगलवार सुबह गुस्सा फूट पड़ा। बांदा-बिसंडा मुख्य सड़क पर पेड़ की डालें आदि डालकर जाम लगा दिया। किसानों का कहना था कि धान की बेड़ सूख रही है। सिंचाई नहीं हो पा रही। पुलिस और बिजली विभाग अधिकारियों ने समस्या का निदान किए जाने का भरोसा दिलाकर करीब तीन घंटे बाद जाम खत्म कराया। दोनों ओर वाहनों की कतारें लगी रहीं।
काफी बड़ी आबादी और क्षेत्रफल वाले गांव गुरेह में लो-वोल्टेज से नलकूपों के मोटर नहीं चल पा रहे थे। अन्य घरेलू उपकरण भी पूरी क्षमता से उपयोग में नहीं आ रहे थे। ग्रामीणों का कहना था कि कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया। सुनवाई नहीं हुई। आजिज आकर मंगलवार सुबह ग्रामीण लामबंद होकर सड़क पर आ गए। यातायात ठप कर दिया। 24 घंटे में बिजली दुरुस्त न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। जाम करीब सुबह नौ बजे शुरू हुआ। कुछ देर बाद देहात कोतवाली पुलिस पहुंची। जाम लगाए ग्रामीणों को हड़का दिया। ग्रामीण धौंस-धमकी से नहीं डरे। जाम लगाए रहे। कुछ देर बाद मुख्यालय से बिजली विभाग के अभियंता मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जल्द ही लो-वोल्टेज को दुरुस्त कर दिया जाएगा। इसी के बाद दोपहर करीब 12 बजे जाम खत्म हुआ।
स्थानीय भाजपा नेता राकेश तिवारी सहित रमन सिंह, जसवंत सिंह, शिव सिंह, रिंकू सिंह, बृजेश कुमार, बच्चा यादव, श्यामू सिंह, अरविंद सिंह, भगवानदीन आदि ने बताया कि लो-वोल्टेज से नलकूप के मोटर नहीं चल पा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि मंगलवार को देर शाम वोल्टेज दुरुस्त हो गया है।