बबेरू ब्लाक की 57 ग्राम पंचायतों में सोशल आडिट रिपोर्ट में मनरेगा के तहत कराए गए कामों में जमकर फर्जीवाड़ा मिला। कहीं मानक के विपरीत काम कराए गए तो कहीं बिना काम कराए ही धनराशि निकाल ली गई। मनरेगा उपायुक्त ने खंड विकास अधिकारी बबेरू को जेई के साथ स्थलीय सत्यापन कराकर आख्या साक्ष्यों सहित चार दिन में देने के निर्देश दिए हैं।
सोशल आडिट टीम ने बबेरू ब्लाक की सभी 57 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों की तहकीकात कर रिपोर्ट डीसी मनरेगा समेत उच्चाधिकारियों को सौंपी थी। रिपोर्ट के मुताबिक ग्राम पंचायतों में मनरेगा अधिनियम के खिलाफ मनमाने ढंग से काम कराए जा रहे हैं।
श्रमिकों को मजदूरी का भुगतान समय से न होने, कार्य स्थल पर डिस्प्ले बोर्ड न लगाने, अधोमानक कार्य कराने और बिना कार्य कराए धन का आहरण किए जाने आदि गंभीर कमियों व आपत्तियों का उल्लेख किया गया है। डीसी मनरेगा ने कहा कि रिपोर्ट से स्पष्ट है कि ग्राम पंचायतों में तैनात संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारियों, सचिवों, तकनीकी सहायकों व अवर अभियंताओं ने अपने कर्तव्यों व दायित्वों का निर्वहन नहीं किया है।
न ही मनरेगा के तहत वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृत देने के बाद कार्य का स्थलीय व अभिलेखीय निरीक्षण किया जा रहा है। डीसी विकास मिश्रा ने बीडीओ धीरेंद्र कुमार यादव से सोशल आडिट रिपोर्ट में मिली कमियों व अनियमितताओं का संज्ञान लेते हुए निस्तारण कराकर अनुपालन आख्या 25 जनवरी तक प्रत्येक दशा में साक्ष्यों सहित प्रस्तुत करने को कहा है।
साथ ही जिन ग्राम पंचायतों में कार्य न कराकर तथा धन आहरण किए जाने के गंभीर अनिमियतताओं का जिक्र है उन ग्राम पंचायतों में बीडीओ खुद जेई के साथ मौके पर जाएं और स्थलीय व अभिलेखीय निरीक्षण करें। मापांकन कराकर गणनाशीट के साथ उपायुक्त (श्रम रोजगार) संयुक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक को उपलब्ध कराएं। इसमें किसी भी तरह का विलंब न करने की चेतावनी दी।