करतल। नहर पटरी और कुलाबों को ध्वस्त कर बालू माफिया द्वारा रास्ता बनाए जाने के प्रकरण की जांच शुरू हो गई। सिंचाई विभाग अधीक्षण अभियंता ने संज्ञान लेकर तीन अलग-अलग समितियां गठित की हैं। ‘अमर उजाला’ ने भी इस खबर को प्रमुखता से छापा था।
बालू माफिया की करतूत पर अधीक्षण अभियंता सिंचाई विभाग नीरज कुमार ने जांच के लिए तीन समितियां गठित की है। पहली समिति बरियारपुर से महुआ पुरवा (0 से 23 किलोमीटर) तक सहायक अधिशासी अभियंता प्रखंड तृतीय कमल किशोर के नेतृत्व में टीम जांच करेगी।
दूसरी टीम सहायक अधिशासी अभियंता डीपी सिंह के नेतृत्व में 23 से 40 किमी तक और तीसरी टीम सहायक अधिशासी अभियंता अनूप कुमार वर्मा के नेतृत्व में 41 से 59 किमी तक जांच करेगी। तीनों टीमों में विभाग के हेड मुंशी, जिलेदार तथा दो-दो राजस्व कर्मी भी शामिल हैं।
अधीक्षण अभियंता ने अधिशासी अभियंता मोतीलाल को निर्देश दिए हैं कि तीनों टीमों से मुख्य केनाल की जांच कराकर शीघ्र रिपोर्ट भेजें। अधिशासी अभियंता मोतीलाल ने बताया कि गठित की गईं तीनों टीमों ने जांच शुरू कर दी है।
कार्य क्षेत्र का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपेंगे। गौरतलब है कि नहर पटरी समेत कुलाबे ध्वस्त कर बालू माफिया द्वारा रास्ता बनाने और फसलों को सिंचाई के लिए नहर से पानी न मिलने की खबर ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसी के बाद अभियंताओं ने सुध ली और जांच व कार्रवाई के निर्देश दिए।