फोटो -9-पन्ना टाइगर रिजर्व की संस्थापक बाघिन टी 1 अपने शावकों के साथ। स्रोत - विभाग
करतल। पन्ना टाइगर रिजर्व को दोबारा बाघों से आबाद करने वाले संस्थापक बाघों की स्मृति में उनकी प्रतिमाएं स्थापित करने की मांग उठी है।
वन्यजीव संरक्षण सप्ताह पर वन्यजीव प्रेमी अरुण सिंह ने कहा कि पन्ना टाइगर रिजर्व के अकोला गेट पर हाल ही में हथिनी वत्सला की विशाल प्रतिमा स्थापित की गई है। इसी तरह संस्थापक बाघों की प्रतिमाएं लगाई जाएं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2009 में पन्ना बाघ विहीन हो गया था।
इसके बाद बाघ पुनर्स्थापना योजना के तहत कान्हा, बांधवगढ़ और पेंच टाइगर रिजर्व से नर-मादा बाघ लाकर पन्ना में छोड़े गए। टी-1 से टी-7 तक के संस्थापक बाघों ने पन्ना के जंगल को दोबारा आबाद करने में अहम भूमिका निभाई। (संवाद)