एक तरफ जहां बुंदेलखंड में कई वर्षों से लगातार पड़ रहे सूखे से खेती और पौधे सूख कर नष्ट हो रहे हैं वहीं उद्यान विभाग ने इस वर्ष भीषण सूखे के बावजूद बागवानी का लक्ष्य और बढ़ा दिया है। इस वर्ष 1,268 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आम, अमरूद, नीबू, आंवला, मुसम्मी, बेल, बेर और अनार के बाग लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। चयनित लाभार्थियों को तीन साल तक हर माह तीन हजार रुपये दिए जाएंगे। सबसे ज्यादा 525 हेक्टेयर में नवीन बाग का लक्ष्य हमीरपुर को मिला है।
बुंदेलखंड औद्यानिक विकास योजना के तहत शासन ने चित्रकूटधाम मंडल को 1268 हेक्टेयर क्षेत्रफल में नया बाग लगवाने का लक्ष्य दिया है। पिछले साल से यह करीब 25 फीसदी ज्यादा है। बांदा जनपद में 295, हमीरपुर में 525, महोबा में 150 और चित्रकूट जनपद में 295 हेक्टेयर क्षेत्रफल में नवीन बागवानी होगी।
आवेदक के पास सिंचाई की सुविधा हो और कम से कम एक हेक्टेयर निजी जमीन होनी चाहिए। आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। एक हेक्टेयर से कम जमीन वालों को भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा। किसानों को किसी भी फर्म से खुद के पैसे से पौधे खरीदने होंगे और बाड़ लगवानी होगी।
जब तक बाग में पौधे हरे-भरे रहेंगे तब तक (तीन साल) लाभार्थियों को हर माह उनके खाते में 3 हजार रुपये डीबीटी के जरिए भेजे जाएंगे। पिछले वर्ष बांदा जनपद में 245 हेक्टेयर में बागवानी का लक्ष्य था। 64 लाभार्थियों ने इस योजना का लाभ लिया।
जिला उद्यान अधिकारी परवेज खां ने बताया कि योजना में आवेदकों का ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार चयन किया जाएगा। आनलाइन आवेदन करने के बाद आवेदकों को बैंक पासबुक, आधार कार्ड, फोटो पहचान पत्र, खसरा आदि की फोटो कापी आफिस में जमा करनी होगी।
उप निदेशक उद्यान मनोहर सिंह ने कहा कि बागवानी में सूखा व ओलावृष्टि का असर नहीं होता। लाभ भरपूर मिलता है। किसानों के पास 10 बीघा जमीन है तो उसमें से 50 फीसदी में बागवानी जरूर करें। उद्यान विभाग में इसके लिए कई योजनाएं हैं। तीन हजार माह वाली बागवानी की योजना बुंदेलखंड में किसानों के लिए ‘सोने पे सुहागा’ साबित होगी।