हेराफेरी करके कृषि भूमि अपने नाम दर्ज करा लेने के आरोपी सालिकराम को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोषी पाते हुए सात साल की सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
बिसंडा थाना क्षेत्र के बिसंडा बुजुर्ग गांव निवासी रामेश्वर प्रसाद ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पत्नी गोमती को मृतक बताकर उसके नाम दर्ज नौ एकड़ कृषि भूमि हेराफेरी करके सालिक राम पुत्र बैजनाथ ने अपने नाम दर्ज करा ली है। काफी भागदौड़ और प्रयासों के बाद पुलिस ने धारा 420, 467, 471 आईपीसी का मुकदमा दर्ज कर लिया।
तफ्तीश के बाद अदालत ने आरोप पत्र दाखिल कर दिया। अभियोजन अधिकारी शैलेंद्र कुमार व केेके त्रिपाठी ने पांच गवाह पेश किए। सीजेएम ने आरोपी सालिकराम को धारा 420 में तीन वर्ष की कैद व तीन हजार रुपये जुर्माना, धारा 467 में सात वर्ष कैद और पांच हजार रुपये जुर्माना, धारा 471 में तीन वर्ष की कैद और दो हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
जुर्माना अदा न करने पर क्रमश: दो माह, तीन माह और एक माह की अतिरिक्त कैद और भुगतनी होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
पावर कारपोरेशन अफसर अवमानना के घेरे में
बांदा। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी मजदूरों की मजदूरी न देने पर 17 मजदूरों ने अवमानना याचिका दायर की है। इस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पावर कारपोरेशन दक्षिणांचल निदेशक सहित अधिशासी अभियंता और लेखाकर रमेशचंद्र दोहरे से 9 मार्च 2015 तक स्पष्टीकरण मांगा है।
इसके पूर्व कोर्ट ने आदेश दिया था कि छह सप्ताह के अंदर मजदूरों का भुगतान कर दिया जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस पर मजदूरों ने हाईकोर्ट मेें रिट दायर कर दी। पावर कारपोरेशन अधिकारियों को यह नोटिस तामील कराने की जिम्मेदारी सीजेएम ने बांदा कोतवाली प्रभारी को दी है। ब्यूरो