वजन दिवस पर कुपोषित बच्चों को चिन्हित करने के दूसरे चरण में भी लगभग आठ हजार बच्चों को अति कुपोषित पाया गया है। पहले चरण में भी आठ हजार से ज्यादा बच्चों को अति कुपोषित पाया गया था। अब चिन्हित इन बच्चों को जिला अस्पताल स्थित पोषण पुर्नवास केंद्र में भर्ती किया जाएगा।
10 दिसंबर को पहले चरण में 1705 आंगनबाड़ी केंद्रों में वजन दिवस हुआ था। इसमें करीब 8400 बच्चे अति कुपोषित पाए गए थे। अब दूसरे चरण में 1000 केंद्रों में बच्चों का वजन किया गया। 85 हजार बच्चों में करीब आठ हजार अति कुपोषित और चार हजार बच्चे आंशिक कुपोषित मिले। डीएम डा. सरोज कुमार ने शहर में कांशीराम कालोनी और गायत्री नगर के केंद्रों का निरीक्षण किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी इशरत जहां ने बताया कुपोषित बच्चों को जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र पर भर्ती कराया जाएगा।
डीएम व सीडीओ के गोद लिए गांवों में भी कुपोषण
बांदा। यूं तो जिले के लगभग सभी गांवों में कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों की खासी तादाद है, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों के गोद लिए गांव भी कुपोषण से अछूते नहीं हैं। हालांकि इन अधिकारियों ने दो वर्ष पूर्व गांवों को गोद लिया था। मगर अब तक उनके गांवों को भी कुपोषण से छुटकारा नहीं मिला है। जिलाधिकारी ने बरसड़ा बुजुर्ग और मुंगूस दो गांवों को गोद ले रखा है। दोनों गांवों में चार-चार बच्चे अति कुपोषित पाए गए। इन बच्चों का वजन औसत से कम था। इस तरह सीडीओ के गोद लिए गांव पुकारी व डिंगवाही में छह व नौ बच्चे अति कुपोषित मिले हैं। इन सभी बच्चों को लाल श्रेणी में शामिल किया गया है।