दहेज उत्पीड़न के मामले में आरोपी पति को दो वर्ष की कैद और एक हजार रुपये जुर्माना की सजा दी गई है। सास-ससुर सहित कुछ अन्य ससुरालीजन बरी हो गए।
अलीगंज (बांदा) निवासी जुगुल किशोर की पुत्र सुनीता शहर के कुशवाहा नगर निवासी नारायणदास को ब्याही थी। मायके वालों ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दहेज के लिए सुनीता को प्रताड़ित किया जा रहा था। अभियोजन अधिकारी शैलेंद्र कुमार ने तीन गवाह पेश किए।
सोमवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राम दयाल ने आरोपी पति को धारा 498 ए में दो वर्ष की सश्रम कैद और एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। धारा 323 में 6 माह कैद, 500 जुर्माना और दहेज अधिनियम मे एक वर्ष कैद और 500 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।