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मेडिकल कालेज में पैथोलॉजी सेंटर शुरू

Mon, 03 Aug 2015 11:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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नवनिर्मित मेडिकल कालेज में पैथोलॉजी सेंटर शुरू हो गया है। फिलहाल यहां ब्लड और यूरिन की साधारण जांचें कराई जा सकती हैं। अगले माह पैधोलॉजी से संबंधित कई उपकरणों के मिलने की संभावना है। इसके बाद यहां बड़ी जांचें भी संभव हो जाएंगी। पैथोलॉजिस्ट की तैनाती कर दी गई है। वहीं मेडिकल कालेज में अभी बिजली का रोना बना हुआ है। अस्पताल को देहात फीडर से सप्लाई दी जा रही है।
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राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कालेज की स्थापना बसपा सरकार में हुई। जबकि उद्घाटन सपा सरकार के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसी वर्ष 12 मार्च को किया। संस्थान में पैथोलॉजी सेंटर शुरू हो गया है। संविदा पर तैनात पैथोलॉजिस्ट डॉ.वरद वर्धन तैनात किए गए हैं।

उपकरण न होने से फिलहाल खून और यूरिन की साधारण जांचें संभव हो पा रही हैं। हालांकि चार टेक्नीशियन और 2 लैब अटैंडेंट पैथोलॉजी से जोड़ दिए गए हैं। पैथालाजिस्ट डॉ. वर्धन ने बताया कि अभी हीमोग्लोबिन, मलेरिया, टीएलसी, डीएलसी व यूरिन की साधारण जांचें हो रही हैं।
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स्पेक्टोफोटो मीटर, बाय केमेस्ट्री इनलाइजर आदि उपकरण आने के बाद किडनी, शुगर, एचआईवी, स्टूल आदि के टेस्ट भी होने लगेंगे। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि उपकरणों की डिमांड निदेशालय भेजी गई है। अगले माह तक उपकरण मिलने की उम्मीद है।

वहीं, मेडिकल कालेज के लिए अलग फीडर न बनाए जाने से बिजली का रोना बना हुआ है। कई-कई घंटे बिजली गुल रहती है। ऐसे में उपकरणों का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। डॉक्टर भी गर्मी में बैठने से हिचकिचा रहे हैं। महिला डॉक्टर निर्धारित समय से पहले ही उठकर चल देती हैं।

इस बारे में पावर कारपोरेशन के मुख्य अभियंता एके सक्सेना का कहना है कि रेलवे लाइन के ऊपर से लाइन निकालने की परमीशन नहीं मिल पा रही। इसी कारण से अलग फीडर में देरी हो रही है। जल्द ही इस समस्या का निपटारा हो जाएगा।

10 से दो बजे तक मिलेगी सुविधा
मेडिकल कालेज में पैथोलॉजी की सुविधा फिलहाल सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक मिल रही है। करीब-करीब यही समय अस्पताल की ओपीडी का भी है। बिजली के अलावा इमरजेंसी और भर्ती व्यवस्था शुरू होने के बाद पैथोलॉजी का समय बढ़ाया जाएगा। वर्तमान में सभी जांचें मुफ्त की जा रही हैं।

इसी माह एमसीआई में मान्यता का आवेदन
मेडिकल कालेज को मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया (एमसीआई) के लिए इसी माह आवेदन किया जाएगा। प्राचार्य डॉ.आरपी सिंह ने बताया कि लगभग 100 पृष्ठ के आवेदन में मेडिकल कालेज में उपलब्ध सुविधाओं, आवश्यकताओं आदि का पूरा ब्योरा दिया जा रहा है।

बुंदेलखंड में सिर्फ झांसी में मेडिकल कालेज है। यह यहां से 200 किलोमीटर दूर है। बांदा में मेडिकल कालेज शुरू होने पर बुंदेलखंड के अलावा पड़ोसी मध्य प्रदेश के छतरपुर, पन्ना, सतना जनपदों के मरीज भी लाभान्वित होंगे। फिलहाल यहां लगभग ढाई सौ मरीज देखे जा रहे हैं। भवन और भूमि भी एमसीआई के मानक के मुताबिक हैं। प्राचार्य ने बताया कि आवेदन के बाद एमसीआई की टीम यहां का निरीक्षण करेगी।

एक्सरे मशीन गायब
मेडिकल कालेज में 12 मार्च को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उद्घाटन करने आए थे, तब इस विभाग ने एक नई एक्सरे मशीन लगा दी थी। मुख्यमंत्री को यह दिखा भी दी थी। उद्घाटन के कुछ दिनों बाद यह मशीन कहीं और ले जाई गई है। सूत्र बताते हैं कि निदेशक ने इस मशीन को कहीं और भेज दिया है। इस बाबत प्रधानाचार्य कुछ खुलकर कहने को तैयार नहीं। उनका कहना है कि उनके कालेज में फिलहाल एक्सरे मशीन नहीं है।
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