पडुई (बांदा)। पीडब्लूडी सूबे के सबसे बड़े अफसर की
आंखों में भी धूल झोंकने से बाज नहीं आया। मुख्य सचिव आलोक रंजन के दौरे पर
आनन-फानन में बनाई गई पडुई गांव की मुख्य सड़क चार दिन में ही उखड़ने लगी
है।
यह सड़क रातोंरात बनाई गई थी। गांव की गलियों में झाड़ू लगना
भी बंद है। राशन की दुकान का ताला भी नहीं खुल रहा। मुख्य सचिव के जाने के
बाद उनकी तैयारियों की पोल खुलने लगी है।
बुधवार की रात मुख्य सचिव
ने बांदा मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर पडुई गांव में रात में चौपाल लगाई
थी। रात्रि विश्राम भी वहीं किया था। अगले दिन बृहस्पतिवार को सुबह गांव का
भ्रमण किया था।
मुख्य सचिव की आने पर पडुई गांव में प्रशासन ने
जबरदस्त तैयारियां की थीं। बांदा-नरैनी मुख्य रोड से पडुई संपर्क मार्ग को
पीडब्लूडी ने आनन-फानन में बनाकर तैयार कर दिया था।
काले रंग से रंगी-पुती गिट्टियों पर रोलर चला दिया गया। मुख्य सचिव की कारों का काफिला बिना हिचकोले खाए इस सड़क से गुजर गया।
निर्माण
के तीन दिन बाद ही यह सड़क उखड़कर बिखरने लगी है। इससे साफ जाहिर है कि
सड़क निर्माण में जमकर खेल हुआ। तारकोल का इस्तेमाल नहीं हुआ। नतीजतन
गिट्टियां उखड़ रही हैं। तेज बारिश में सड़क का काम तमाम होना तय है।
उधर, मुख्य सचिव से की गईं फरियादों पर चार दिन बीत जाने पर भी कोई कार्रवाई न होते देख गांव के लोग मायूस हो रहे हैं।
पूर्व
प्रधान रामफल ने बताया कि चौपाल में उन्होंने मुख्य सचिव से अन्ना
मवेशियों की समस्या बताई थी, लेकिन आज तक इस पर कोई कार्रवाई की शुरुआत
नहीं हुई। गांव के अतुल ने बताया कि मुख्य सचिव के जाने के बाद सफाई कर्मी
नदारद हैं।
तब से आज तक किसी दिन सफाई नहीं हुई। मुख्य सचिव जिन
गलियों से गुजरे थे, उस दिन वह साफ-सुथरी और चकाचक थीं। दोनों तरफ चूना,
कलई डाला गया था।
अब वहां झाडू के भी लाले हैं। गांव के महेश ने
बताया कि- ‘सचिव सहिब कै आवै पर कोटेदार राशन बांटो तै, वहके बाद बटव बंद
हुईगा, दुकान बंद हवै’।
लोक निर्माण विभाग (निर्माण खंड-एक) के
अधिशासी अभियंता आरसी शुक्ला का कहना है कि पहले वह सड़क हो देखेंगे तब कोई
बात करेंगे। उन्होंने कहा कि अवर अभियंता मुश्ताक की देखरेख में सड़क बनी
है।