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Banda News: खाद के टोकन वितरण को लेकर विवाद में चटकी लाठियां, एक अधिकारी को दौड़ाया

Fri, 10 Oct 2025 11:02 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
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मंडी समिति में खाद को लेकर बैक कर्मी व केंद्र कर्मचारी के साथ मारपीट करते किसान। संवाद
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बांदा। शहर की मंडी समिति में शुक्रवार को खाद के टोकन वितरित न होने से आक्रोशित किसानों ने बवाल किया। बैंक कर्मियों सहित खाद वितरण कर रहे कर्मचारियों के साथ मारपीट कर लाठियां चलाईं। बांदा-तिंदवारी-फतेहपुर हाईवे को जाम कर दिया। सड़क के दोनों ओर एक घंटा वाहनों का लंबा जाम लगा रहा। आक्रोशित किसानों ने पीसीएफ के एक अधिकारी को दौड़ा लिया। मंडी और सड़क पर किसान तीन घंटे तक हंगामा करते रहे, लेकिन पुलिस नहीं पहुंची। एसडीएम (सदर) के टोकन बंटवाने का आश्वासन देने के बाद किसान शांत हुए।
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खाद पर्याप्त स्टाक होने के बाद भी किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। इसकी मुख्य वजह अव्यवस्था बताई जा रही है। मंडी समिति में खाद के लिए रात दो बजे से किसान क्रय केंद्रों के बाहर लाइन लगाए थे। शुक्रवार को दोपहर करीब 12 बजे तक खाद के टोकन वितरित नहीं हुए तो किसान आक्रोशित हो गए। किसानों ने स्टाल लगाकर सहकारी समिति का सदस्य बना रहे बैंककर्मियों व खाद वितरण कर्मचारियों के साथ मारपीट कर लाठियां चलाईं। बाद में किसानों ने बांदा-तिंदवारी-फतेहपुर हाईवे जाम कर दिया। किसी भी वाहन को आने जाने नहीं दिया। किसानों की वाहन स्वामियों से नोकझोंक भी हुई।
सड़क पर दोनों ओर वाहनों का लंबा जाम लगा रहा। इस बीच मंडी आए पीसीएफ के एक अधिकारी को दौड़ा लिया। वह जान बचाकर भागे। किसान करीब तीन घंटे तक मंडी व सड़क पर नारेबाजी और हंगामा करते रहे, लेकिन जानकारी के बाद भी पुलिस नहीं पहुंची। किसानों का आरोप था कि गुरुवार की रात से लाइन लगाए थे। पहले कहा गया कि समिति का सदस्य बनें। सदस्य बन गए तो अब टोकन वितरित नहीं किए जा रहे हैं।
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एडीएम के आदेश पर मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर रजत वर्मा व कोतवाली पुलिस ने किसानों को यह कहकर शांत कराया और जाम खुलवाया कि टोकन और खाद का वितरण कराया जाएगा।
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नहीं हो पा रही बोआई
टिकरी कनवारा की रमकलिया का कहना था कि खाद न होने से रबी की बोआई नहीं हो पा रही है। खाद के लिए कल रात से लाइन में लगे हैं। सुबह बताया गया कि वह पहले सहकारी समिति के सदस्य बनें। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने के बाद सदस्य बने तो अब टोकन वितरित नहीं किए जा रहे। भूखे-प्यासे पिछले 28 घंटे से यहां वहां भटक रहे हैं।


सैमरी गांव की बिजनियां का कहना था कि दो दिन में सहकारी समिति के सदस्य की पासबुक मिली है। खाद का नंबर आया तो टोकन ही वितरित नहीं किए गए। क्रय केंद्र कर्मचारियों का कहना है कि कल जितने टोकन वितरित हुए है उन्हें आज खाद मिलेगी। इसके बाद ही अगले टोकन जारी होंगे। 30 घंटो से लाइन में लगे रहे अब कल आए।


सदस्यों के लिए सात स्टाल
सहकारी समिति का सदस्य बनाने के लिए कोआपरेटिव बैंक ने मंडी समिति में सात काउंटर खोले हैं, लेकिन बिना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के सदस्य नहीं बनाया जा सकता है। किसानों को पहले सदस्य बनने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है। इसके बाद उन्हें सदस्य बनाया जाता है। सदस्यता बुक के लिए किसान को दो-दो दिन चक्कर काटने पड़ते हैं। किसानों का कहना है कि इस प्रक्रिया में दो से तीन दिन लग जाते है। ऐसे में रबी की बोआई पिछड़ रही है। जल्द खाद न मिली तो वह बर्बाद हो जाएंगे। खरीफ की फसल बारिश व बाढ़ की भेंट चढ़ गई है।

सब्र करे किसान
जिला कृषि अधिकारी संजय कुमार का कहना है कि यूरिया 5784 एमटी, डीएपी 2275 एमटी, एनपीके 1781 एमटी उपलब्ध है। खाद की कोई कमी नहीं है। सहकारी समितियों से खाद का वितरण किया जा रहा है। किसान बोआई में एक हेक्टेयर में चार से छह बोरी यूरिया एवं तीन से चार बोरी डीएपी का ही प्रयोग करें।जरूरत के अनुसार ही खाद का क्रय करें। खाद के लिए सब्र करें।

समितियों में नहीं मिल पा रही खाद
तिंदवारी। बांदा फतेहपुर रोड ब्लॉक कार्यालय के सामने स्थित सहकारी सेवा संघ दक्षिणी सहकारी समिति में शुक्रवार को डीएपी लेने के लिए किसान उमड़ पड़े। समिति में 500 से अधिक किसान मौजूद रहे, लेकिन 397 किसानों को खाद का वितरण किया गया। ऐसे में तमाम किसान बिना खाद के लिए बैरंग लौट गए। संतोष कुमार, मनीष, राज गोपाल, सदानंद ने कहना था कि सुबह से ही खाद के लिए लाइन लगाए हैं, लेकिन खाद नहीं मिली। जिन किसानों को खाद मिली है उन्हें महज दो से तीन बोरी ही दी जा रही है। सहकारी समिति अध्यक्ष अभय प्रताप सिंह परिहार ने बताया कि 50 एमटी डीएपी की डिमांड लगाई गई है, लेकिन उर्वरक की रैक अभी उपलब्ध नहीं हो पाई ,जैसे ही उर्वरक उपलब्ध होती है किसानों को वितरित की जाएगी। नायब तहसीलदार हेमंत पटेल ने बताया कि खाद की कोई कमी नहीं है। किसान सब्र व जरूरत के मुताबिक खाद खरीदें।

खाद संकट को लेकर धरना दिया
पैलानी। खाद संकट को लेकर किसानों ने तहसील परिसर में धरना दिया। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को दिया। कहा कि खाद की कालाबाजारी होने से किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। 24 सितंबर को ज्ञापन दिया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। तिंदवारी व जसपुरा ब्लॉक के किसानों को सहकारी समितियों में खाद नहीं मिल पा रही है। आरोप है कि एसडीएम खाद से संबंधित ज्ञापन नहीं लिया। कहा कि खाद की कालाबाजारी हो रही है। ऐसे में प्राइवेट दुकानों में खाद मनमानी दाम पर बेची जा रही है। इस मौके पर पूर्व नौसेना अधिकारी एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता राकेश बाजपेई,अरविंद सिंह चंदेल सहित जसपुरा ,काना खेड़ा ,पैलानी, खप्टिहाकला, रामपुर ,इछावर, गलौली ,गाज़ीपुर ,झंझरीपुरवा आदि गांव के किसान मौजूद रहे।

मंडी समिति में खाद को लेकर बैक कर्मी व केंद्र कर्मचारी के साथ मारपीट करते किसान। संवाद

मंडी समिति में खाद को लेकर बैक कर्मी व केंद्र कर्मचारी के साथ मारपीट करते किसान। संवाद

मंडी समिति में खाद को लेकर बैक कर्मी व केंद्र कर्मचारी के साथ मारपीट करते किसान। संवाद

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