बीटीसी प्रशिक्षण के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के लिए एक साथ बुला लिया जाना जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) को काफी भारी पड़ा। प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए महिला-पुरुष अभ्यर्थियों के हुजूम ने डायट की सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त कर दीं। हजारों की संख्या में अभ्यर्थी डायट परिसर मेें पूरा दिन परेशान रहे। शाम को अभ्यर्थी भड़क उठे और डायट प्राचार्य कक्ष में तोड़फोड़ की और सड़क पर जमा लगा दिया। बाद में अफसरों के समझाने पर शांत हुए।
सोमवार को डायट में अनारक्षित, एससी, एसटी, ओबीसी, दृष्टिबाधित, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित आदि महिला-पुरुष अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया था। इनकी संख्या हजारों मेें थी। सुबह से ही डायट परिसर में अभ्यर्थियों ने डेरा डाल दिया। डायट के 9 कमरों में अलग-अलग काउंसलिंग शुरू हुई। अभ्यर्थियों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि दिन खत्म होने के बाद भी काउंसलिंग पूरी नहीं हो पाई।
शाम को डायट प्राचार्य डॉ. आदर्श कुमार त्रिपाठी के निर्देश पर अभ्यर्थियों के अभिलेखों की फाइलें जमा करा ली गईं और प्राचार्य ने भरोसा दिया कि जिनकी फाइलें जमा हो गई हैं उन्हें उपस्थित माना जाएगा। फाइलें जमा करने के बाद हस्ताक्षर न कराने पर देर शाम अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा।
गुस्साएं अभ्यर्थियों ने प्राचार्य कक्ष में धावा बोल दिया। वहां रखी कुर्सी-मेजें पलट दी, कूलर तोड़ डाला। कुछ अभ्यर्थियों ने सड़क पर धरना देकर जाम लगा दिया। बाद में पुलिस ने उन्हें काबू में किया। प्राचार्य ने भरोसा दिया कि अभ्यर्थियों की उपस्थिति हस्ताक्षर आज ही कराए जाएंगे। तब देर शाम हंगामा शांत हुआ।
थप्पड़ ने हंगामे की आग भड़काई
अव्यवस्थाओं की वजह से पहले से ही नाराज अभ्यर्थियों का गुस्सा उस समय भड़क उठा जब उन्हें पता चला कि काउंसलंग ड्यूटी में तैनात किसी टीचर ने एक महिला अभ्यर्थी को थप्पड़ मार दिया है। इस थप्पड़ ने हंगामे की आग में घी का काम किया।
इटावा से आई महिला अभ्यर्थी माही सिंह ने बताया कि काउंटर पर फाइल जमा करने के दौरान आपा खो बैठे कर्मचारी (टीचर) ने उसे थप्पड़ जड़ दिया। यह बात फैलते ही अभ्यर्थी और भड़क उठे। डायट प्राचार्य कक्ष का कूलर, गमले और फर्नीचर तोड़ डाला।