भाई मनीष कुमार ने बताया कि सोमवार को दोपहर सोनू खाना खाने के बाद 100 मीटर की दूरी पर दूसरे मकान में चला गया। दोपहर बाद करीब चार बजे जब पिता छत्रपाल ने बेटी मधु से कहा कि जाकर देखो कि सोनू ने भैंसों को पानी पिलाया कि नहीं। मधु वहां पहुंची तो दरवाजा खुला हुआ था और अंदर लगे जाल से रस्सी के फंदे से सोनू का शव लटक रहा था।
भाई का कहना है कि सोनू बबेरू के जेपी शर्मा इंटर कॉलेज में हाईस्कूल का छात्र था। वह दो बार 10वीं में फेल हो गया था। इस पर उसने मां पुष्पा देवी और बहन से कहा था कि अब उसका एडमिशन भी नहीं होगा। गांव के दोस्त भी उसे फेल होने पर चिढ़ाते थे। वह तीन भाई दो बहनों में चौथे नंबर का था। मरने से पहले उसने अपने माता-पिता को घर के बक्से और कीमती सामान की चाबी भी सौंप दी थी।
कोतवाली प्रभारी राजेंद्र कुमार राजावत ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला खुदकुशी का लग रहा है। परिजन हाईस्कूल में दो बार फेल होने की बात कह रहे हैं।