बांदा। सूखे की मार झेल रहे किसानों से हमदर्दी की बजाय अवैध वसूली की जा रही है। किसानों के शोषण पर अधिकारी चुप्पी साधे हैं।
खाद
खरीदने आ रहे किसानों से पल्लेदारी के नाम पर चार रुपये अतिरिक्त वसूले जा
रहे हैं। डीएपी खाद की कीमत 1191 रुपये के स्थान पर 1195 रुपये ली जा रही
है।
सूखे के हालात में यूं भी बुआई नहीं
हो पा रही। जिन किसानों ने भगवान भरोसे या ट्यूबवेल आदि के पानी के भरोसे
बुआई की है, उन्हें खाद के लिए शोषण का शिकार होना पड़ रहा है।
खाद
खरीद केंद्रों में किसानों की भीड़ जुटने लगी है। कुदरत की मार सह रहे
किसानों से खाद बिक्री केंद्र के अधिकारी और कर्मचारी पल्लेदारी का पेंच
फांसकर चार रुपये अतिरिक्त वसूल रहे हैं।
मंडी समिति स्थित
डीसीडीएफ खाद केंद्र में सोमवार को डीएपी खाद खरीदने आए किसान रामदास
(पथरी), पंकज सिंह (मौदहा), राजबहादुर (करहिया) ने बताया कि केंद्र प्रभारी
खाद की बोरी 1195 रुपये में दे रहे हैं, जबकि असली कीमत 1191 रुपये है।
किसानों
ने ज्यादा कीमत वसूले जाने पर एतराज जताया तो केंद्र प्रभारी बलवान सिंह
भड़क गए। उनका कहना था कि प्राइवेट पल्लेदार गोदाम से बोरी निकालकर किसानों
के वाहनों में लाद रहे हैं।
ऐसे में पल्लेदार अपनी मजदूरी तो वसूलेंगे ही। केंद्र प्रभारी ने दावा किया कि यह मजदूरी किसान स्वेच्छा से दे रहे हैं।