बांदा। तबादले से पहले तत्कालीन एसपी आरपी पांडेय ने डीएम समेत प्रदेश के आला अफसरों को पत्र भेजकर आगाह कराया था कि केन नदी में पोकलैंड और भारी मशीनों से हो रहे बालू के अवैध खनन से नदी की जलधारा बदलने की आशंका है। इससे बांदा जिले के सीमावर्ती गांवों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो सकती है। कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों को देखते हुए एमपी की सीमावर्ती खदानों में खनन और परिवहन पर रोक लगा दी जाए।
तत्कालीन एसपी ने 13 अक्तूबर को भेजे पत्र में सपा नेता और कांग्रेस विधायक पर अवैध खनन और अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इससे पहले नौ अक्तूबर को भेजे पत्र में कहा था कि एमपी से बड़ी मात्रा में ओवरलोड बालू के ट्रक बांदा जिले से गुजर रहे हैं।
इससे यहां की सड़कें ध्वस्त हो रही हैं। ये ट्रक यूपी सरकार को व्यापार कर भी नहीं देते। एमपी की बालू खदान में पोकलैंड और भारी मशीनों से अंधाधुंध अवैध खनन किया जा रहा है। इससे नदी की जलधारा बदलने की पूरी आशंका है। वैसे भी पिछले माह यहां बाढ़ आ चुकी है। पत्र में लिखा कि यह पट्टा छतरपुर जिले के फत्तेपुर का है, लेकिन खनन यूपी-एमपी की सीमा में बने पुल के ठीक नीचे किया जा रहा है। इससे पुल को भी खतरा है।
एसपी ने जांच का हवाला देकर लिखा था कि एमपी की सीमा में पर्याप्त बालू नहीं है। एमपी की आड़ में यूपी की सीमा से बालू निकाली जा रही है। इसे यूपी सरकार को राजस्व की क्षति हो रही है। एसपी ने हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देकर कहा कि कानून व्यवस्था की दृष्टि में सीमावर्ती खदानों के बालू खनिज परिवहन पर रोक लगा दी जाए। पत्र की प्रतिलिपि प्रदेश के प्रमुख गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक, आईजी इलाहाबाद जोन, डीआईजी चित्रकूटधाम मंडल को भी भेजी थी।
विधायक ने जताई चुनाव में ‘खूनी धन युद्ध’ की आशंका
बांदा। अवैध खनन को लेकर तत्कालीन एसपी के पत्रों के बाद बांदा के कांग्रेसी विधायक विवेक कुमार सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. नसीम जैदी को पत्र भेजा है। इसमें आशंका जताई है कि विधानसभा चुनाव में यहां ‘खूनी धन युद्ध’ हो सकता है। प्रशासन और माफिया का गठजोड़ चुनाव को प्रभावित करेगा। शनिवार को भेजे पत्र में विधायक ने कहा है कि तत्कालीन एसपी के लेटर ने काफी खुलासा कर दिया है।
चुनाव में माफिया, चोर, उचक्के और जनता का राशन खाने वाले व जिला प्रशासन का गठजोड़ धन के बल पर चुनाव को प्रभावित करेगा। आरोप लगाया कि नोएडा, लखनऊ, बांदा और एमपी में अरबों रुपये की प्रापर्टी अवैध खनन के रकम से खरीदी गई है। एनएचआरएम घोटाले में शामिल लोग बालू माफिया बनकर धंधा कर रहे हैं। मात्र 35 बीघे के काश्तकार आज अरबपति हैं।
बालू से कमाए जा रहे अवैध अरबों रुपये चुनाव में खर्च करने की पूरी तैयारी है। ऐसे में निष्पक्ष चुनाव नहीं हो पाएंगे। मांग की है कि माफिया की संपत्ति और खनन की सीबीआई से जांच कराकर एमपी की सीमा सील की जाए। पिछले वर्ष से यहां तैनात अधिकारियों की भी जांच हो। बांदा को अति संवेदनशील जिला घोषित कर सेना की निगरानी में चुनाव कराए जाएं।