बुंदेलखंड के गांवों को हाईटेक टेक्नालाजी से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने पहल की है। पहले चरण में बुंदेलखंड के सभी जिलों को जोड़ा गया है। इसके लिए यहां के सभी जिलों के पांच-पांच गांवों का चयन किया जाएगा। आईआईटी (दिल्ली) को समन्वयक संस्था बनाया गया है। वहां के वैज्ञानिक गांवों में उपलब्ध संसाधनों के आधार पर प्रशासन के सहयोग से युवाओं को रोजगार से जोड़ेंगे। प्रमुख सचिव ने जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर योजना पर अमल कराने को कहा है।
उन्नत भारत अभियान के तहत पहले चरण में प्रदेश के 17 जिले चयनित किए गए हैं। बुंदेलखंड के सातों जिले इस योजना में शामिल हुए हैं। सभी जिलों में पांच-पांच ऐसे गांव चुने जाएंगे, जिनमें विकास की संभावना ज्यादा हो और युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार मिल सके। चयनित गांवों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए योजना तैयार की जाएगी।
राष्ट्रीय स्तर पर समन्वयक संस्था के रूप में इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टेक्नालाजी, नई दिल्ली (आईआईटी) को नामित किया गया है। जिला प्रशासन के सहयोग से योजनाओं की डवटेलिंग/कन्वर्जेंश के जरिये धनराशि की व्यवस्था की जाएगी।
पर्यावरण हितैषी व धारणीय तकनीकी और स्थानीय संसाधनों का प्रयोग करते हुए और पर्याप्त रोजगार के अवसर देते हुए गांव का विकास किया जाएगा। राज्य स्तर पर उच्च शिक्षा निदेशक इलाहाबाद को नोडल बनाया गया है, जबकि बुंदेलखंड स्तर पर अभियान को सहयोग के लिए क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, झांसी सीएस यादव को नोडल बनाया गया है।