If you hesitate from dust, how will you do the job?
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बांदा। ‘फर्स्ट एड बॉक्स खाली पड़ा है, इसमें दवाएं नहीं हैं। इसमें दवाएं रखिए। धूल लगने का डर है तो नौकरी कैसे करोगी?’ शुक्रवार को जिला अस्पताल के आकस्मिक निरीक्षण में पहुंचे डीएम अनुराग पटेल ने स्वास्थ्य कर्मियों को नसीहतें दीं।
डीएम ने अस्पताल के पीकू वार्ड में रखे वेंटीलेटर चलवाकर देखे। सीएमएस डॉ. एसएन मिश्र ने बताया कि पीकू वार्ड के आईसीयू में 11 बेड और एचडीयू वार्ड में 32 तथा आइसोलेशन वार्ड में 50 बेड हैं। कोविड के लिए आईसीयू वयस्क में 10 और ओमिक्रॉन आइसोलेशन एचडीयू में भी 10 बेड हैं।
एल-2 अस्पताल में कुल 150 बेड, 23 वेंटीलेटर, 20 कॉर्डियो मॉनीटर, 17 ऑक्सीजन कन्संट्रेटर और 44 छोटे व 6 बड़े ऑक्सीजन सिलिंडर हैं। सीएमएस ने बताया कि 150 बेडों में सिर्फ 68 के लिए गद्दे नहीं हैं। शासन से इनकी मांग की गई है। डीएम ने कहा कि उनकी ओर से इसका पत्र शासन को भिजवाएं।
मंडलीय चिकित्सालय के निरीक्षण में यहां चल रहे 960 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट देखा। यहां जनरेटर 160 केवीए स्वीकृत हुआ है, जबकि जरूरत 250 केवीए की है। इसके लिए भी डीएम ने अपनी ओर से शासन को पत्र भिजवाने के लिए कहा। दवा वितरण काउंटर में फार्मासिस्ट ने बताया कि करीब 1500 मरीजों को दवा दी जा रही है।
अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस 102 का भी निरीक्षण किया। इसके फर्स्ट एड (प्राथमिक उपचार) बॉक्स में दवाएं नहीं थीं। एंबुलेंस की अलमारी दिखाने में हिचकिचा रही ईएमटी से कहा कि धूल से हिचकिचाओगी तो नौकरी कैसे करोगी? एंबुलेंस में डीएनएस, आरएल, थर्मल स्कैनर, पल्स ऑक्सीमीटर आदि नहीं मिला। डीएम ने सीएमएस को निर्देश दिए कि एंबुलेंस में सभी व्यवस्थाएं तत्काल मानक के अनुरूप करें।