इंटरसेप्टर वाहन प्रतीकात्मक फोटो।
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बांदा। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर सड़कों पर वाहन दौड़ाने वालों पर तीसरी आंख से नजर रखी जाएगी। उच्च क्षमता के कैमरे और अत्याधुनिक इलेक्ट्रानिक उपकरणों से लैस इंटरसेप्टर विशेष वाहन यह धरपकड़ करेगा।
फिलहाल एक पखवारे का विशेष अभियान चलाकर इसका परीक्षण होगा। सफल रहने पर प्रदेश के अन्य जनपदों में यह लागू किया जाएगा। चित्रकूटधाम मंडल मुख्यालय बांदा में अभियान की शुरूआत 16 दिसंबर से होगी, यह 15 दिनों तक चलेगा। यह जानकारी प्रदेश के उप परिवहन आयुक्त देवेंद्र त्रिपाठी ने दी।
उप परिवहन आयुक्त गुरुवार की रात बांदा में देहात कोतवाली के पास रोडवेज बस और आटो की टक्कर में हुई सात मौतों की घटना की जांच में आए थे। उन्होंने कहा कि उप परिवहन आयुक्त ने छोटे-बड़े सभी वाहनों के ज्यादातर चालक ट्रैफिक नियमों की सरेआम अनदेखी करते हैं।
यातायात पुलिस से भी अधिकांश बच निकलते हैं। इनकी गहन निगरानी और धरपकड़ के लिए प्रदेश के परिवहन विभाग ने इंटरसेप्टर विशेष वाहन (कार) ली है। कार में उच्च क्षमता के कैमरे होंगे। पूरी तरह डिजिटल कार के सामने से गुजरने वाले वाहनों की कुछ क्षणों में ही पूरी जांच कैमरे में कैद हो जाएगी।
वाहन दो पहिया हो या चार पहिया। वाहन की रफ्तार, चालक द्वारा लगाई जाने वाली सीट बेल्ट, हेलमेट, ड्राइविंग लाइसेंस, ड्राइविंग के समय मोबाइल फोन पर बात या फिर शराब के नशे में गाड़ी चलाने इत्यादि के अपराध यह वाहन तत्काल पकड़ लेगी। वाहन के साथ मौजूद पुलिस और परिवहन विभाग कर्मी वाहन चालक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करेंगे। उसका ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जाएगा।