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दो दिन में उठान न हुई तो खुले में रखना पड़ेगा धान

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गुरु प्रसाद। - फोटो : BANDA
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बांदा। मुख्यालय स्थित मंडी समिति परिसर में विपणन और एफसीआई के गोदाम खरीदे गए धान से फुल हो गए हैं। इन्हें गोदामों में भेजने की व्यवस्था बेहद लचर है। अब खरीदा जा रहा धान खुले आसमान तले रखने के हालात हैं।
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उधर, किसानों को धान बेचने के लिए यहां पांच-पांच दिन डेरा डालकर इंतजार करना पड़ रहा है। विपणन शाखा में अब तक 3184 क्विंटल और एफसीआई में 1719 क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है। उधर, जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने कहा कि ठंड के मद्देनजर किसानों को सलाह दी जा रही है कि खरीद केंद्र के प्रभारी से संपर्क करके तिथि तय कर लें। उसी दिन धान लाएं ताकि इंतजार न करना पड़े। धान की खरीद 28 फरवरी तक चलती रहेगी।
पांच दिन बाद आया धान बेचने का नंबर
निवाइच गांव के किसान गुरु प्रसाद ने बताया कि पांच दिन बाद अब शनिवार को नंबर आया है। पल्लेदारी 20 रुपये के स्थान पर 40 रुपये क्विंटल देनी पड़ रही है। नमी आदि के अड़ंगे भी लगाए जा रहे हैं।
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चार दिन से कर रहे बारी का इंतजार
जारी गांव के किसान सुरेश पाठक ने बताया कि पिछले वर्ष किसानों को टोकन जारी किए जाते थे। अबकी रजिस्टर में नाम लिखकर इंतजार करने को कहा जा रहा है। चार दिन से बारी का इंतजार कर रहे हैं।
गोदाम में 2200 क्विंटल धान डंप
बांदा। विपणन खरीद केंद्र प्रभारी पंकज कुमार ने बताया कि 1100 क्विंटल धान की उठान हो चुकी है। गोदाम में 2200 क्विंटल धान डंप है। दो दिन और उठान नहीं हुई तो गोदाम फुल हो जाएगा। उधर, एफसीआई खरीद केंद्र प्रभारी महेश राठौर ने बताया कि 1719 क्विंटल की खरीद हो चुकी है, जबकि उठान 652 क्विंटल हुआ है। मंडी समिति ने एक और गोदाम दिया है, जिसमें डंप माल रखा जा रहा है।
सौ क्विंटल तक बिक्री ऑनलाइन सत्यापन से मुक्त
बांदा। जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने कहा है कि वर्ष 2020-21 में धान खरीद के लिए लागू नीति के अनुसार सभी खरीद एजेंसियां एनआईसी द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर पर ऑनलाइन खरीद प्रक्रिया अनिवार्य रूप से अपनाएंगी। किसानों की भूमि और धान के बोए गए रकबे का सत्यापन राजस्व विभाग की भूलेख संबंधी वेबसाइट से ऑनलाइन कराया जाएगा।
अगर कोई किसान 100 क्विंटल धान खरीद केंद्र में बेचना चाहता है तो वह अगले आदेशों तक ऑनलाइन सत्यापन से मुक्त रहेगा, लेकिन चकबंदी के अंतर्गत आने वाले किसानों का धान संबंधित अभिलेख के आधार पर एसडीएम द्वारा शत प्रतिशत ऑनलाइन सत्यापन के बाद ही खरीदा जाएगा।
विपणन अधिकारी ने कहा कि खरीद के समय किसानों द्वारा खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण के संबंध में जो भी विवरण दर्ज किया गया है उसके संबंध में मूल अभिलेख खरीद के वक्त केंद्रों में प्रस्तुत करना होगा। उनकी स्व हस्ताक्षरित छाया प्रति भी उपलब्ध कराना अनिवार्य है।

सुरेश पाठक।- फोटो : BANDA

मुख्यालय स्थित विपणन खरीद केंद्र का हाउसफुल गोदाम।- फोटो : BANDA

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