फोटो - 19 दंपती की खुदकुशी से बेहाल लल्लू की मां। संवाद
तिंदवारी (बांदा)। घर की कलह में दंपती की खुदकुशी से दोनों बच्चे अनाथ हो गए। घर में मछली का मसाला सिलबट्टे में रखा मिला। अगर अरहर कूटने और मछली पकाने की जिद न की गई होती तो शायद दोनों मासूम बच्चे अनाथ नहीं होते। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचने पर सूरज डूबने पर परिजनों ने दोनों शवों का अंतिम संस्कार नहीं किया है। अब अंतिम संस्कार सोमवार को होगा।
तिंदवारी थाना क्षेत्र के अमलीकौर गांव के मजरा भगदरा डेरा निवासी गोमती (24) ने शनिवार की शाम छप्पर की धन्नी में साड़ी से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। पत्नी को फंदे पर लटकता देख उसका पति लल्लू निषाद (28) ने भी दूसरे कमरे में जाकर पंखे के हुक से रस्सी से फंदा लगा लिया था। घटना को अंजाम देने से पहले मकान की बाउंड्री का दरवाजा बंदकर ताला लगा दिया था। घर में दंपती की चार साल की बेटी अनुष्का और दो वर्षीय पुत्र केशू के रोने की आवाज सुनकर पड़ोसी युवतियां दीवार फांदकर घर के अंदर पहुंची थीं तो देखा कि लल्लू फंदा लगाए तड़प रहा था, जब तक हसिया से रस्सी काटी गई तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। गोमती का शव भी फंदे से लटका था। लल्लू के बड़े भाई छोटू ने बताया कि लल्लू तीन भाइयों में छोटा था। वह और मां मुन्नी देवी, लल्लू के साथ रहते थे। लल्लू ने छह साल पहले गोमती से प्रेम विवाह किया था। शनिवार को लल्लू और गोमती को अरहर कूटने जाना था लेकिन लल्लू मछली का शिकार करने चला गया। शाम को जब वह मछली लेकर पहुंचा तो गोमती से मछली पकाने को लेकर विवाद हो गया था। जिस पर उन्होंने तैश में आकर यह कदम उठाया है। तिंदवारी थानाध्यक्ष संदीप सिंह ने बताया कि दोनों के शवों का पोस्टमार्टम करा दिया गया है।
फोटो - 19 दंपती की खुदकुशी से बेहाल लल्लू की मां। संवाद