बांदा। परिवहन निगम के अधिकारी अब सप्ताह में एक दिन कार्यशाला का निरीक्षण कर बसों की खामियों को दुरुस्त कराएंगे। फोरमैन बस को चेक करने के बाद वर्कशाप से बाहर निकालेंगे। मार्ग पर बस के खराब होने पर एआरएम व फोनमैन को जिम्मेदार माना जाएगा।
अपर प्रबंध निदेशक अन्नपूर्णा गर्ग ने क्षेत्रीय प्रबंधकों को भेजे गए आदेश में कहा कि अभियान चलाकर बसों की खामियों को दूर कराया जाए। सप्ताह में एक दिन आरएम, एआरएम व एसएम वर्कशाप का निरीक्षण करेंगे। बसों की खामियों को दुरूस्त कराएंगे। लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
फोरमैन बसों को पूरी तरह से चेक करने के बाद ही कार्यशाला से बाहर निकालेंगे। मार्ग पर बस के खराब होने पर एआरएम सहित फोरमैन को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। कहा कि अधिकारी गोद ली बसों के अतिरिक्त बसों पर भी ध्यान दें। वर्कशाप के निरीक्षण के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि बस की लाइट, सेल्फ, सीट, दरवाजा, खिड़की, टायर आदि सही हों। आरएम संदीप अग्रवाल का कहना है कि अधिकारी पहले भी वर्कशाप का निरीक्षण करते थे। शासन के आदेश के बाद सप्ताह में एक दिन अधिकारियों को निरीक्षण बावत निर्देश दिए गए है।