बांदा। पर्यावरण अनुकूल नहीं रहा तो जीव और जंतु
जीवित नहीं रह पाएंगे। मनुष्य पर्यावरण एवं अनुवांशिकता का गुणनफल है। यह
बात सोमवार को राजीव गांधी डीएवी महाविद्यालय में शुरू हुई दो दिवसीय
पर्यावरण अध्य्यन कार्यशाला में कही गई।
प्राचार्य डॉ. आरबी सिंह
तोमर ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण प्रतिकूल होने
का ही नतीजा है कि डायनासोर जैसा शक्तिशाली जीव पृथ्वी से विलुप्त हो गया।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का शोषण और दोहन तत्काल रोका
जाना चाहिए। इसके संवर्धन का हरेक व्यक्ति प्रयास करे। इतिहास प्रवक्ता
मनोज कुमार ने बुंदेलखंड में बदलते पर्यावरण की जानकारी दी।
साथ ही
भारत और पूरे विश्व में इसकी चेतना और चिंता की जरूरत बताई। वाणिज्य विभाग
के प्रवक्ता डॉ. विष्णु स्वरूप गुप्ता ने ग्रीन हाउस प्रभाव के कारण बढ़
रहे तापक्रम को जनसंख्या वृद्धि का मुख्य कारण बताया।
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प्रवक्ता डॉ. गरिमा द्विवेदी ने कहा कि मानव हस्तक्षेप से तमाम विसंगतियां
पैदा हो गई हैं। असंतुलन का यही मुख्य कारण है। अतिवृष्टि, अनावृष्टि,
सूखा, बाढ़, भूकंप इसी की देन है।
प्रवक्ता आकांक्षा सिंह और
दिव्या सिंह ने जैव विविधिता की जानकारी दी। इसके पूर्व कार्यशाला की
शुरुआत प्राचार्य और बायफ के जिला कार्यक्रम अधिकारी सुभाषचंद्र राजपूत ने
सरस्वती चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण से की। कार्यशाला आयोजन
समिति सदस्य डॉ. विवेक कुमार पांडेय ने आभार जताया।