बांदा। रात को खलिहान की रखवाली कर रही महिला से नशे में धुत लोगों ने गैंगरेप किया। बेहोशी की अवस्था में छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने इसे मामूली मारपीट के रूप में रिपोर्ट दर्ज की है। आरोप है कि समझौते के लिए दबाव बनाया। इससे क्षुब्ध महिला ने पुलिस अधीक्षक को अर्जी देकर कहा है कि 6 जनवरी तक आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 7 जनवरी से वह अन्न-जल त्याग देगी। फिर भी नहीं सुनवाई हुई तो वह जान दे देगी। पुलिस अधीक्षक ने जांच और तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
अतर्रा थाना क्षेत्र के अतर्रा ग्रामीण की महिला ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक को दी अर्जी में बताया कि 2 दिसंबर की रात वह खलिहान की रखवाली कर रही थी। करीब साढ़े 11 बजे गांव के चार लोग वहां आ धमके। सभी नशे में थे। चारों ने उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। उसे बेहोशी की अवस्था में छोड़कर भाग गए। 3 दिसंबर को उसने अतर्रा थाने में तहरीर दी। आरोप लगाया कि थानाध्यक्ष ने उसकी मूल अर्जी को हटाकर मारपीट की एनसीआर दर्ज की है। तब से वह न्याय के लिए भटक रही है। यह भी आरोप लगाया कि पुलिस उस पर दबाव बना रही है कि 20 हजार रुपये ले लो और समझौता कर लो। महिला के पुत्र ने भी पुलिस को तहरीर दी थी, उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
महिला ने मांग की कि एफआईआर दर्ज कराकर उसका मेडिकल परीक्षण कराया जाए। आरोप झूठा मिले तो उसे कड़ी सजा दी जाए। साथ ही चेतावनी दी कि 6 जनवरी तक रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो 7 जनवरी से वह खाना-पानी त्याग देगी। फिर भी सुनवाई नहीं हुई तो खुद को समाप्त कर लेगी।
एसपी गणेश प्रसाद साहा ने अतर्रा थाना इंस्पेक्टर को तत्काल कार्रवाई और रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। उधर, इंस्पेक्टर रामेंद्र तिवारी का कहना है कि घटना उनकी तैनाती के पहले की है। उन्होंने स्वीकारा कि एनसीआर की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों का धारा 151 में चालान किया गया था। कहा कि दोबारा जांच कराई जाएगी।