बांदा। आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए जिला अस्पताल में तकरीबन दो करोड़ 40 लाख की लागत से निर्माणाधीन फिक्सड फायर फाइटिंग सिस्टम पहली टेस्टिंग में ही फेल हो गया।
अग्निशमन दल ने मंगलवार की दोपहर इसे चेक किया तो फायर फाइटिंग सिस्टम के हाइड्रेंट प्वाइंट मानक से काफी कम प्रेशर से पानी फेंक पाए। अग्निशमन दल के मुताबिक पानी का प्रेशर साढ़े तीन किलोग्राम होना चाहिए, लेकिन टेस्टिंग में यह काफी कम पाया गया है।
गर्मी के मौसम में बढ़ती आग की घटनाओं के मद्देनजर मंगलवार को दोपहर चीफ फायर आफिसर मुकेश कुमार, एफएसओ कुलदीप कुमार व उनकी टीम ने जिला अस्पताल, मंडलीय अस्पताल व जिला महिला अस्पताल का फिक्सड फायर फाइटिंग सिस्टम की जांच की। मंडलीय चिकित्सालय से होते हुए उन्होंने जिला अस्पताल व महिला अस्पताल के हाइड्रेंट प्वाइंटों को देखा। पानी खोलवाकर उसका प्रेशर चेक किया।
चीफ फायर आफिसर मुकेश कुमार के मुताबिक हाइड्रेंट प्वाइंट मानक से काफी कम पानी का प्रेशर दे रहे हैं। इसे ठीक कराने के लिए कहा गया है।
इस मौके पर मौजूद प्रभारी सीएमएस डॉ. एसडी त्रिपाठी ने बताया कि अस्पताल में फिक्सड फायर फाइटिंग सिस्टम का निर्माण कार्य 31 दिसंबर 2024 में पूरा हाे जाना चाहिए था, लेकिन साढ़े तीन माह का ज्यादा समय हो चुका है। कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल अब तक इसे पूरा नहीं कर सकी है। इसके लिए उन्होंने शासन को लिखा पढ़ी की है।