बांदा। दहेज हत्या के जुर्म में पति, सास और ससुर को अदालत ने सात वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। सेशन न्यायाधीश ने खुली अदालत में फैसला सुनाया। अन्य धाराओं में भी जेल और जुर्माना किया गया है। तीन अन्य आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह परिहार ने बताया कि सिसोलर (हमीरपुर) गांव निवासी पुन्ना प्रजापति ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि उसने अपनी पुत्री श्यामा देवी की शादी 26 मई 2013 को रामानंद उर्फ राजू (महुआ, गिरवां) के साथ की थी।
शादी के बाद से ससुरालीजन 50 हजार रुपये और बाइक की मांग लेकर पुत्री को प्रताड़ित करने लगे। 12 सितंबर 2015 को मारपीट कर पुत्री श्यामा देवी को फांसी में लटका दिया। विवेचना के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन की ओर से आठ गवाह पेश किए गए।
शुक्रवार को सेशन न्यायाधीश गजेंद्र कुमार ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस और पत्रावलियों के अवलोकन के बाद पति रामानंद, सास मुलिया व ससुर चूरामन को दोषी पाते हुए दहेज हत्या में सात साल की सजा सुनाई।
धारा 498 में दो वर्ष व एक-एक हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त जेल होगी। अन्य धाराओं में भी जेल और जुर्माना किया। तीन अन्य आरोपियों में जेठानी रामप्यारी, जेठ सतानंद व बाबू को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।