बांदा। ससुरालीजनों द्वारा बहू को मारपीट कर प्रताड़ित करने व अतिरिक्त दहेज न देने पर जलाकर मार डालने पर दोषी पति व ससुर को अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट छोटेलाल यादव की अदालत ने सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। अन्य धाराओं में सजा सहित तीन-तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने की दशा में दो-दो माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। दोनों दोषियों का सजायावी वारंट बनाकर जेल भेज दिया गया।
सोनिया पत्नी कमलेश ने बबेरू कोतवाली में तहरीर दी थी कि ससुरालीजनों ने उसकी बेटी को दहेज के लिए जलाकर मार डाला है, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। अदालत के आदेश पर 20 दिसंबर 2014 को रिपोर्ट दर्ज की गई थी। एफआईआर के मुताबिक गुड़िया देवी की शादी 23 जून 2011 को अवधेश साहू निवासी तरखरी तालाब बबेरू के साथ की थी। पति समेत अवधेश समेत ससुर मोतीलाल, देवर जयकरन, सास रानी खुश नहीं थे और दहेज की मांग कर रहे थे। दहेज न देने पर गुड़िया के साथ मारपीट की। सोनिया ने बताया कि वह अपनी बेटी को लेने गई तो उसे वापस कर दिया गया। 22 अगस्त 2014 को गुड़िया को गर्भवस्था की अवस्था में आग लगाकर जान से मार डाला।
विवेचक क्षेत्राधिकारी यशवीर सिंह ने केवल पति अवधेश कुमार व ससुर मोतीलाल साहू के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों व अधिवक्ताओं की दलीलों के आधार पर न्यायाधीश ने पति अवधेश कुमार व ससुर मोतीलाल को दोषी पाते हुए सजा सुनायी।