अतर्रा। समाजवादी सूखा राहत पैकेट में मिले सड़े आलू खाकर लगभग सौ गरीब बीमार हो गए। उन्हें फूड प्वाइजनिंग में उल्टी, दस्त शुरू हो गए। यह सभी अलग-अलग गांवों के हैं। उन्हें सीएचसी में भर्ती कराया गया है। कई लोगों ने निजी अस्पतालों में इलाज कराया।
बुधवार (13 जुलाई) को ‘अमर उजाला’ ने राहत पैकेट में बांटे जा रहे सड़े आलू की खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद भी प्रशासन ने इन्हें गंभीरता से नहीं लिया। घटिया आलू बांटने का सिलसिला जारी रहा। नतीजे में शिवशरण (16) पुत्र सुदामा (अतर्रा ग्रामीण), रोमा (15) पुत्री ओम प्रकाश (पिंडखर), कमला (40) पत्नी भगवानदास (गया प्रसाद पुरवा), अजय (20) पुत्र राजकरन (महोतरा), लवलेश (25) पुत्र मुन्नीलाल (बरेहंडा), मरियम (20) पुत्री चंद्रबाबू (चौसड़), अभिषेक (25), अजय सिंह (17), तेजपाल (30), लल्लू (40) निवासीगण भुजियारी पुरवा आदि बीमार हो गए।
इनमें डायरिया जैसे लक्ष्ण हैं। कई दर्जन लोग निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। बीमार गरीबोें ने बताया कि उन्हें यह पैकेट दो दिन पूर्व मिले थे। उधर, नोडल अधिकारी नायब तहसीलदार संजय अग्रहरि ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि जो पैकेट उन्हें प्राप्त हुए वह बांट दिए गए। यही जवाब उप जिलाधिकारी एके पुष्कार का भी रहा। उधर, सीएचसी प्रभारी डॉ.वीके श्रीवास्तव ने बताया कि उमस भरी गर्मी के मौसम में सड़े-गले फल या सब्जी आदि के सेवन से डायरिया जैसी बीमारियां हो रही हैं। भर्ती मरीज भी इसी रोग की चपेट में हैं।