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जिंदगी को संवार देती है इंसानियत

Sun, 21 Jan 2018 11:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो , बांदा
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नरैनी में आयोजित इज्तिमा में शरीक लोग। - फोटो : अमर उजाला
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इंसानियत जिंदगी का संवार देती है। इबादत में भी निखार आता है। इंसान को पैदा करने वाले रब के सामने कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हो जाओ। गुनाहों से पूरी तरह तोबा कर लो। जिंदगी खुशहाल और खुुशगवार बन जाएगी।

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ये बातें यहां आयोजित दो दिवसीय इज्तिमा में मशहूर उलमा और इस्लाम के विद्वानों ने कहीं। करतल रोड पर आयोजित इज्तिमा में भारी हुजूम को संबोधित करते हुए कानपुर से आए मौलाना अजीजुर्रहमान ने कहा कि मोमिन को चाहिए कि गुनाहों से पूरी तरह परहेज करे। इंसान और सारी मखलूक को पैदा करने वाले रब की बारगाह में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हो जाए। अपने गुनाहों से तोबा करें और आइंदा कभी गुनाह न करे।

रब माफ कर देगा। मौलाना मुफ्ती जहीरुल इस्लाम नदवी (जामिया अरबिया हथौरा) ने कहा कि पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद धरती में इंसानियत के सबसे बड़े पैरोकार और नमूना हैं। अल्लाह ने उन्हें सबसे बड़ा दानिशवर भी बनाया। मौलाना मुफ्ती उबैदुल्ला नदवी ने कहा कि जिसका पैगंबरे इस्लाम से सच्ची मोहब्बत है वो पैगंबर की बताई बातों और उनके जीवन पर अमल करे। जिसके दिल में नबी की फिक्र नहीं है वो दिल नहीं बल्कि पत्थर है।
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इज्तिमा में मौलाना हाफिज कारी हबीब अहमद (हथौरा), मौलाना मुफ्ती इब्राहीम (गाजियाबाद), मौलाना गजनफर (उन्नाव), मौलाना फरजंद (कानपुर), मौलाना कमरुद्दीन (बांदा), मौलाना अमीनुद्दीन (पेश इमाम नवाबी जामा मस्जिद, बांदा) ने भी तकरीर की। शनिवार को देर शाम मौलाना जहीरुल इस्लाम ने सामूहिक दुआ कराई। मुल्क और मोमिन की तरक्की व सलामती सहित आपसी सौहार्द व भाईचारा की दुआ की। दुआ के दौरान सैकड़ों लोगों की आंखों से आंसू झलक आए। इज्तिमा आयोजन में सांप्रदायिक सौहार्द भी नजर आया। तमाम हिंदू भाइयों ने भी सहयोग किया।

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