बांदा। कई मर्तबा बारिश होने के बावजूद गर्मी से लोगों को राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। तेज धूप निकलने से बढ़ी उमस ने डायरिया से पीड़ित होने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा कर दिया है।
मंगलवार की सुबह अस्पताल खुलते ही मरीजों की पर्चा काउंटर में लाइन लग गई। पर्चा बनवाने के बाद मरीज चिकित्सकों के कक्ष में पहुंचे और उपचार प्राप्त किया। सोमवार को 1100 से अधिक मरीजों से अपना रजिस्ट्रेशन कराया। इनमें डायरिया और बुखार से पीड़ित मरीज शामिल रहे। ओपीडी बंद हो जाने के बाद ट्रामा सेंटर में संचालित इमरजेंसी में भी डायरिया और बुखार से पीड़ित मरीज पहुंचे। वहां पर कई मरीजों का उपचार किया। कुछ मरीजों को भर्ती किया गया। ट्रामा सेंटर में बेड फुल होने पर मरीजों को गद्दीदार बेंच में लिटाकर उपचार किया गया।
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दवा वितरण काउंटर में धक्का-मुक्की
चिकित्सक से उपचार कराने के बाद पर्चे पर लिखी गई दवा प्राप्त करने के लिए मरीजों व तीमारदारों को लाइन लगानी पड़ रही है। लाइन में खड़े रहने के दौरान धक्का-मुक्की का दौर भी चला। पहले दवा प्राप्त करने को लेकर मरीजों के बीच तकरार भी होती रही। खास बात यह है कि एक भी सुरक्षा कर्मी दवा वितरण काउंटर के पास नजर नहीं आया। आए दिन दवा वितरण काउंटर में मरीजों के बीच तकरार के साथ ही मारपीट भी होती है।
मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। ऐसे में पर्चा काउंटर के साथ ही दवा वितरण कक्ष में भी लाइन लग जाती है। दवा वितरण काउंटर के पास सुरक्षा के लिए होमगार्ड या पीआरडी जवान को तैनात किया जाता है।
डा. एसडी त्रिपाठी, सीएमएस, जिला पुरुष अस्पताल
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विवेकराज मिश्र