बांदा। एक तरफ कोरोना का बढ़ता कहर और दूसरी तरफ विधान सभा चुनाव की चखचख। चुनाव के फौरन बाद बोर्ड परीक्षा। दोहरी अड़चनों के बीच परीक्षा की तैयारी बेहद चुनौतीभरी है। यह कहना है यूपी बोर्ड परीक्षा के परीक्षार्थियों का। चुनाव और कोरोना के बीच परीक्षा की तैयारियों में जुटे कुछ परीक्षार्थियों की परेशानी उन्हीं की जुबानी-
इंटर की छात्रा दीपा द्विवेदी (सर्वोदय नगर) की राय में मौजूदा माहौल में चुनाव हरगिज उचित नहीं है। खासकर यह छात्र हित में तो है ही नहीं। निर्वाचन आयोग को फिलहाल चुनाव रोकना चाहिए। घर में रात-दिन कोरोना या चुनाव की चर्चा शुरू हो जाती है। ऐसे में पढ़ाई में खलल पैदा हो रहा है।
हाईस्कूल परीक्षार्थी नित्या द्विवेदी (स्वराज कालोनी) ने कहा कि विधान सभा चुनाव में वक्त-बेवक्त नेता और उनके समर्थक घर आकर दस्तक देंगे। ऐसे में पढ़ाई बाधित होना स्वाभाविक है। उधर, कोरोना के बढ़ते केस पर बाहर निकलना भी खतरे से खाली नहीं। परीक्षा संबंधी तैयारियों के लिए सहेलियों के पास भी जाना पड़ता है। इस स्थिति में चुनाव मुनासिब नहीं।
इंटर परीक्षार्थी अंकुश साहू (बिजली खेड़ा) का कहना है कि ऑफलाइन और ऑनलाइन पढ़ाई के बीच परीक्षार्थी सालभर जूझे हैं। शिक्षा सत्र भी लेटलतीफ शुरू हुआ। कोर्स पूरा नहीं हुआ। अब चुनाव और कोरोना का माहौल है। ऐसे में एकाग्रता के साथ अध्ययन व परीक्षा की तैयारी कैसे हो सकती है?
हाईस्कूल परीक्षार्थी सत्यम (शंकर नगर) ने कहा कि कोर्स पूरा नहीं हो पाया है। कोरोना से स्कूल-कालेज फिर बंद है। घर में ही पढ़ाई करना पड़ रही है। उधर, चुनाव का माहौल गरमाने लगा है। बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए ये परिस्थितियां हितकर नहीं।
नित्या द्विवेदी। - फोटो : BANDA
अंकुश साहू। - फोटो : BANDA
सत्यम। - फोटो : BANDA