बांदा। जिले की 29 ग्राम पंचायतों को मॉडल बनाने में बजट आड़े आ गया है। पंचायतों का चयन और यहां के प्रधानों को दूसरे जिलों में भेजकर मॉडल गांव के टिप्स दिए जाने के बाद बजट नहीं मिला। ऐसे में इन गांवों को मॉडल बनाने की मंशा फाइलों तक कैद होकर रह गई है।
गांवों को मॉडल बनाने के लिए जिला पंचायत राज विभाग ने दो माह पूर्व यहां के 32 ग्राम प्रधानों को जालौन जिले की मॉडल ग्राम पंचायत अकबरपुर व इटौरा और ललितपुर की ग्राम पंचायत पवा का भ्रमण कराया था, ताकि प्रधान वहां के मॉडल का अपने यहां प्रयोग कर सकें, लेकिन इसके आगे प्रक्रिया नहीं बढ़ सकी।
जिला पंचायत राज अधिकारी संजय कुमार का कहना है कि डीएम के निर्देश पर ग्राम पंचायतों को माडल बनाने की संरचना तैयार कर ली गई है। प्रधानों का स्पोजर विजिट भी हो गया है। शासन से चयनित ग्राम पंचायतों में विकास कार्यो के लिए बजट मांगा जाएगा।
चयनित 29 ग्राम पंचायतों में विकास खंड बबेरू में पिस्टा, पून, टोलाकलां, बिसंडा में कुसमा डेरा, उमरेहडा, भदेहदू। नरैनी में डढ़वामानपुर, कटरा कालिंजर, बरछा (ब), महोतरा। महुआ में गिरवां, बिगहना, जखनी, सरस्वाह। बड़ोखर में इटवां, जारी, बड़ोखर खुर्द, लुकतरा। कमासिन में बंथरी, जामूं, छिलोलर, लोहरा। तिंदवारी में महुई, मूंगुस, सादीमदनपुर और जसपुरा ब्लाक में बेंदा, तनगामऊ, पड़ोहरा, रामपुर शामिल हैं।