मृतक भाइयों के शव के पास शोकग्रस्त परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
अतर्रा (बांदा)। मूसलाधार बारिश में कच्चा घरौंदा कब्र बन गया। दो युवा सगे भाइयों की दबकर मौत हो गई। बूढ़ी मां गंभीर रूप से घायल हो गई। 12 घंटे बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे के बाद अफसर और नेताओं की धमाचौकड़ी बनी रही। शनिवार की रात करीब साढ़े 11 बजे तेज बारिश के दौरान यहां भवानीगंज दन्ना पाठक पुरवा (वार्ड नंबर-10) में अनुसूचित जाति के बाबूलाल वर्मा का कच्चा मकान धराशायी हो गया। घर के अंदर सो रहे उसके दो युवा पुत्र कल्लू (26) और बल्लू (24) तथा उसकी 50 वर्षीय पत्नी भगुनिया ढेरों मलबे में दब गई। बारिश के बीच तत्काल बचाव कार्य नहीं शुरू हो सका।
आसपास के लोगों ने मिट्टी का मलबा हटाकर तीनों को बाहर निकाला। कल्लू और बल्लू की मौत हो चुकी थी। भगुनिया की रीढ़ की हड्डी टूट गई। वह पूरी रात दर्द से वहीं पड़ी कराहती रही। थाने से पुलिस तो आ गई, लेकिन उसे अपने वाहन से अस्पताल नहीं पहुंचाया। रविवार को सुबह किसी तरह उसे अस्पताल पहुंचाया गया। पूर्व चेयरमैन कल्लूराम जाटव ने कई बार एंबुलेंस के लिए फोन किया, लेकिन एंबुलेंस नहीं आई। मृतक दोनों भाई अविवाहित थे। पिता बाबूलाल वर्मा पेशे से मजदूर है। तहसीलदार संजय अग्रहरि, कानूनगो अवधेश मिश्रा, लेखपाल शिवकरन यादव, थाना प्रभारी केएन सिंह आदि भी घटनास्थल पहुंचे। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।