बांदा। आंधी से मंडल मुख्यालय के हॉटस्पॉट इलाकों की बिजली आपूर्ति ध्वस्त हो गई। पूरी रात हॉटस्पॉट अंधेरे में डूबे रहे। यहां तैनात पुलिस कर्मियों को आने-जाने वाले नजर नहीं आए। शहर के अन्य इलाकों में भी आंधी ने बिजली आपूर्ति तहस-नहस कर दी। सोमवार को दूसरे दिन भी यह बहाल नहीं हो पाई।
रविवार को शाम आई आंधी ने पूरे मंडल मुख्यालय सहित गांवों की बिजली गुल कर दी। कई स्थानों पर खंभे और लाइनें टूट गईं। पेड़ गिरने या डाल टूटने से बिजली लाइनें जगह-जगह क्षतिग्रस्त हुईं।
बांदा शहर के हॉटस्पॉट इलाकों की भी बिजली गुल हो गई। भूरागढ़ फीडर पूरी रात बंद रहने से हॉटस्पॉट छिपटहरी, कलामतपुरा, मर्दन नाका, निम्नीपार इत्यादि पूरी रात अंधेरे में डूबे रहे। सील किए गए इन इलाकों में तैनात पुलिस कर्मी अंधेरे में बारिश के बीच इधर-उधर दुबके रहे। यहां आने-जाने वाले लोग अंधेरे के चलते उन्हें नजर नहीं आए।
सोमवार को सुबह कुछ देर के लिए फीडर शुरू हुआ, लेकिन कुछ ही देर बाद ट्रिप हो गया। बिजली की आंख मिचौली पूरा दिन जारी रही। इन इलाकों में सुबह जलापूर्ति भी नहीं हो पाई। भूरागढ़ स्थित जल संस्थान का फीडर भी ठप रहा।
उधर, नवाब टैंक के पास और बड़ोखर ब्लाक कार्यालय इलाकों में रविवार को सुबह 10 बजे से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। 25 घंटे बाद सोमवार को सुबह 11 बजे मात्र एक घंटे के लिए चालू हुई और फिर शाम तक गुल रही। बिजली विभाग के अवर अभियंता कांता प्रसाद ने बताया कि आंधी से कई जगह पेड़ की डालों ने लाइनों को नुकसान पहुंचाया। कुछ जंपर भी ध्वस्त हो गए। जल संस्थान फीडर में भी फाल्ट आई। इन्हें दुरुस्त कराया जा रहा है।
आंधी से ट्रांसफार्मर गिरा, कई गांव अंधेरे में
बेंदाघाट। आंधी से ट्रांसफार्मर खंभों सहित धराशाई हो गया। कई गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। पेयजल आपूर्ति भी नहीं हो रही। गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं।
रविवार की शाम आंधी से काफी नुकसान हुआ। खेतों में कटी हुई गेहूं की फसल और भूसा उड़ गया। उधर, जौहरपुर सब स्टेशन से जुड़े बेंदा, अमलीकौर फीडर का बेंदा गांव के पास लगा 65 केवी ट्रांसफार्मर आंधी से खंभे सहित नीचे आ गिरा। इसी सब स्टेशन के सरवहन ताला फीडर में भी कई जगह लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं।
खंभे गिरे, बिजली आपूर्ति ठप
कमासिन। कई दिनों पूर्व आई आंधी से क्षतिग्रस्त हुई बिजली की लाइनें अब तक दुरुस्त नहीं हुईं। कई गांवों में बिजली के साथ पेयजल संकट भी छाया हुआ है।
जोरावरपुर की प्रधान सहसरा मन ने विद्युत विभाग के अभियंता को भेजे पत्र में कहा है कि गांव के चार खंभे टूटे पड़े हैं। हफ्तों से बिजली बंद है। घरों में कैद लोग गर्मी से परेशान हैं। रात भी अंधेरे में बीत रही है। शीघ्र ही यहां खंभे दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल की जाए।