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3000 आबादी पर एक बेड, 15 हजार पर वेंटीलेटर

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बांदा। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के कहर ने स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल कर रख दी है। मेडिकल कालेज और अस्पतालों में ऑक्सीजन और बेड की कमी का शोर जमकर गूंज रहा है लेकिन आंकड़ों के ‘खेल’ में माहिर अफसर स्वास्थ्य सुविधाओं में कोई कमी मानने को तैयार नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक कोविड मरीजों के लिए कुल 600 बेड और 136 वेंटीलेटर हैं। आबादी के अनुसार करीब साढ़े 3000 लोगों पर एक कोविड बेड और साढ़े 15 हजार लोगों पर एक वेंटीलेटर है। हालांकि इतनी बड़ी आबादी के बीच ये स्वास्थ्य सुविधाएं ‘ऊंट के मुुंह’ में जीरा हैं।
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वर्ष 2020 के अनुसार, बांदा जिले की आबादी लगभग 20 लाख 84 हजार 796 है। करीब दो लाख आबादी शहर की है। कोरोना संक्रमण की दूसरी तेज लहर के बीच स्वास्थ्य विभाग बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं होने के दावे कर रहा है। लेकिन ये सभी सुविधाएं आबादी के अनुसार पर्याप्त नहीं हैं। राजकीय मेडिकल कालेज और मंडलीय चिकित्सालय को कोविड अस्पताल बनाया गया है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक मेडिकल कालेज में कोविड मरीजों के लिए 400 बेड और मंडलीय चिकित्सालय में 200 बेड हैं। इसी तरह क्रमश: 109 और 27 वेंटीलेटर उपलब्ध हैं। कुल जनसंख्या के अनुसार 15,329 लोगों पर एक वेंटीलेटर है। 3475 पर एक कोविड बेड है। दोनों कोविड अस्पतालों में 50 फीसदी से ज्यादा बेड भरे हैं। आंकड़ों की बाजीगरी के चलते अस्पतालों के बेड खाली दिखाने को अधिकांश पॉजिटिव मरीजों को उनके घरों पर ही आइसोलेट किया जा रहा है।
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वर्जन
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राजकीय मेडिकल कालेज और नवनिर्मित मंडलीय चिकित्सालय कोविड अस्पताल बनाए गए हैं। कुल 600 कोविड बेड हैं। संक्रमित मरीजों को बेहतर उपचार दिया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर बेड और अन्य संसाधन बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। - डा.एनडी शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बांदा।
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इनसेट
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फोटो-06बीएनडीपी-4 : मेडिकल कालेज में लगे ऑक्सीजन सिलिंडर।
मांग के मुताबिक कम मिल रही ऑक्सीजन
कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी को लेकर हायतोबा मची है। समय पर ऑक्सीजन न मिलने से मरीजों की सांसें थम रही हैं। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग ऑक्सीजन कमी को स्वीकार नहीं कर रहा। यहां रोजाना 2500 क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन की मांग है। बमुश्किल 2000 क्यूबिक मीटर ही ऑक्सीजन मिल रही है। हालांकि सीएमओ डा.एनडी शर्मा का कहना है कि कोविड मरीजों के मुताबिक पर्याप्त आक्सीजन प्राप्त हो रही है। फिलहाल कोई कमी नहीं है।
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