बांदा/चित्रकूट। चित्रकूटधाम मंडल के बांदा और चित्रकूट में बुधवार को 341 लोगों ने कोरोना को मात देकर जहां अपने-अपने घरों को चले गए, वहीं दोनों जिलों में दस की मौत भी हो गई। बांदा में जहां कोरोना से आठ की, वहीं चित्रकूट में दो की जान चली गई। साथ ही बांदा में 42 जेल बंदियों समेत 255 नए संक्रमित मिले, जबकि चित्रकूट में 195 नए केस मिले।
बांदा के राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती आठ कोरोना मरीजों ने बुधवार को दम तोड़ दिया, जिससे मरने वालों का आंकड़ा यहां सौ पहुंच गया। उधर, कोरोना को यहां दो सौ लोगों ने मात दी। अब कोरोना से जंग जीतने वालों का आंकड़ा 5919 पहुंच गया है। यहां 255 नए पॉजिटिव केस मिलने के बाद अब सक्रिय संक्रमितों की संख्या 1614 हो गई है। सीएमओ डा. एनडी शर्मा ने बताया कि पिछले तीन दिन में 570 कोरोना मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। बुधवार को भी 200 मरीज स्वस्थ हुए। अब तक 5919 मरीज चंगे होकर घर चले गए। अलबत्ता कोरोना संक्रमितों की मौत चिंता बढ़ा रहीं हैं। बताया कि नए संक्रमितों में 177 पुरुष और 78 महिलाएं शामिल हैं।
नए मरीजों में जेल के 42 बंदी सहित इंदिरा नगर में 16, अलीगंज में 10, सिविल लाइन में आठ, मेडिकल कालेज में 10, डीएम कालोनी में सात, जिला अस्पताल में 16, आवास विकास में पांच, कटरा में छह, बिजली खेड़ा में चार और ग्रामीण क्षेत्रों में लड़ाका पुरवा में आठ, बिसंडा ब्लाक में 37, बड़ोखर ब्लाक में 19 संक्रमित मिले। इनमें 35 को इलाज के लिए मेडिकल कालेज/कोविड अस्पताल में भर्ती किया गया है। 220 मरीजों को घरों में आइसोलेट किया गया। अब तक कुल 5,08,452 कोविड टेस्ट किए गए।
उधर, चित्रकूट में बुधवार को 195 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं, जबकि दो मरीजों की मौत हो गई। अब मृतकों की कुल संख्या 37 हो गई है। राहत भरी खबर यह रही कि 141 मरीजों ने कोरोना से जंग जीतकर घर पहुंच गए। यहां अब एक्टिव केस 1503 हैं। प्रभारी सीएमओ डा. इम्तियाज अहमद ने बताया कि 2196 मरीजों की कोविड जांच कराई गई, जिसमें 195 संक्रमित मरीज मिले हैं। मऊ, रामनगर, कर्वी और मानिकपुर के सर्वाधिक मरीज हैं। मानिकपुर व बरगढ़ क्षेत्र में एक-एक मरीज की मौत भी हुई है। उधर, जिले के कई स्थानों पर स्वास्थ्य विभाग व फायर ब्रिगेड विभाग द्वारा सैनिटाइजेशन का कार्य किया गया। इसमें जिला जेल रगौली समेत अधिकारियों के कार्यालय और आवास पर सैनिटाइजेशन कराया गया।
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सांस की दिक्कत से सात की गई जान
बांदा। कोरोना के बीच सांस रोगियों के दम तोड़ने का सिलसिला भी थम नहीं रहा। पिछले 24 घंटे में सात मरीजों की जिला अस्पताल में मौत हो गई। इनमें स्वराज कालोनी की मुन्नी देवी (70), अलीगंज की श्रद्धा (45) व मुन्नी देवी (55), सर्वोदय नगर का राजबली (69), बबेरू की शीला (68), महुआ का रामचरन (80) और पैलानी का सुदामा (50) शामिल है। इन सभी को सांस लेने में दिक्कत थी। परिजनों ने ऑक्सीजन की कमी से मौत का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। डाक्टरों के समझाने पर शांत हुए। (संवाद)
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फोटो परिचय-12-बैठक में उपस्थित आईएमए पदाधिकारी।
संक्रमण की रोकथाम को मांगा सहयोग
बांदा। कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को काबू करने में प्राइवेट डॉक्टर भी सहयोग करें। कलक्ट्रेट सभागार में डीएम आनंद कुमार सिंह ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन प्रतिनिधियों और प्राइवेट चिकित्सकों के साथ बैठक कीं। कहा कि कोविड संक्रमण के कठिन दौर में सभी से धैर्य रखने और रोगियों से सहानुभूति पूर्वक व्यवहार करने और नैतिक मापदंडों को बनाए रखने की अपील की। सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा ने सभी चिकित्सकों से कोविड एप्रोप्रियेट व्यवहार, इंफेक्शन प्रिवेक्शन प्रोटोकाल का पालन तथा दूरभाष पर जनपद वासियों को परामर्श देने के लिए सहयोग मांगा। बैठक में आईएमए अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद रफीक, सचिव डॉ. नरेंद्र गुप्ता सहित डॉ. अनुराग श्रीवास्तव, डॉ. प्रज्ञा प्रकाश, डॉ. भूपेंद्र सिंह, डॉ. जे विक्रम सिंह आदि मौजूद रहे। (संवाद)
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ऑक्सीजन लेवल कम तो लेटें पेट के बल
कोरोना संक्रमण से कम हो रहे ऑक्सीजन स्तर को कंट्रोल कर सकते---सब हेड
ऑक्सीजन कम होने से अस्पताल ले जाना पड़ रहा
ऑक्सीजन की कमी से थम रहीं संक्रमितों की सांसें
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। कोरोना संक्रमितों की संख्या में तेजी से हो रहे इजाफे के बीच ऑक्सीजन कमी की भी समस्या हो रही है। ऑक्सीजन स्तर कम होने से पॉजिटिव मरीजों को अस्पताल ले जाना पड़ रहा है। आलम यह है कि समय पर ऑक्सीजन न मिलने से मरीजों की सांसें थम रही हैं। शरीर में आक्सीजन कम होने की समस्या को मरीज पेट के बल लेटकर दूर कर सकते हैं।
पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष कोरोना संक्रमण फेफड़ों पर हमला कर रहा है। संक्रमितों में ऑक्सीजन का स्तर तेजी से नीचे आ रहा है। सांस फूलने, खांसी, गले में खराश आदि की समस्या हो रही है। ऑक्सीजन का स्तर नीचे गिरने से मरीजों की जान पर बन रही है। तमाम कोरोना संक्रमित होम आइसोलेशन में उपचार कर रहे हैं। ऑक्सीजन की कमी से उन्हें दिक्कत हो रही है। ऐसे में पेट के बल लेटकर ऑक्सीजन की कमी को दूर किया जा सकता है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इसके पोस्टर भी जारी किए हैं।
इसके प्रति स्वास्थ्य विभाग लोगों को लगातार जागरूक कर रहा, लेकिन मरीज उपाय किए बगैर अस्पतालों की तरफ भाग रहे हैं। सीएमओ डा. एनडी शर्मा और जिला अस्पताल के चिकित्सक विनीत सचान ने बताया कि ऑक्सीजन स्तर 94 से कम होने पर मरीजों को लेटने की तरीके में थोड़ा बदलाव करना पड़ेगा। 30 मिनट से एक घंटे तक पेट के बल लेटें। एक या दो तकिया सीने के नीचे रख लें। इतनी ही देर दोनों पैर सीधे कर पीठ को किसी जगह टिकाकर बैठने की भी सलाह दी है।
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ऑक्सीजन कम होने के लक्षण : सांस लेने में दिक्कत। सांस का फूलना। थकान महसूस होना। सीने में दर्द या जलन होना। चलने या उठने में परेशानी।
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ऐसे बढ़ाएं ऑक्सीजन लेवल : ऑक्सीजन लेने में परेशानी होने पर तुरंत पेट के बल लेट जाएं। सिर, कमर, कूल्हे और पैरों के नीचे तकिया रखें। सिर आरामदायक स्थिति में रखें। एक से दो घंटे में लेटने का तरीका बदल लें। समय-समय पर ऑक्सीजन लेवल की जांच करते रहे।
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ऐसे लोग न सोएं पेट के बल : गर्भावस्था के दौरान। गंभीर हृदय रोग से ग्रसित। स्पाइन, फीमर व पेल्विक फ्रैक्चर की स्थिति में। खाने के एक घंटे तक पेट के बल लेटने से बचें।
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सर्दी-जुकाम और बुखार वाले कराएं कोविड जांच
बांदा। सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा ने कहा कि सर्दी, जुकाम, बुखार व सांस में तकलीफ, जोड़ों में दर्द, थकावट, मांसपेशियों में जकड़न आदि की शिकायत पर तुरंत कोविड जांच कराएं। सीएमओ ने कहा कि कोरोना तेजी से बढ़ रहा है। बड़ी संख्या में लोग पॉजिटिव हो रहे हैं। लक्षण युक्त व्यक्ति अस्पतालों में कोरोना जांच के लिए आ रहे हैं। कोविड रोगियों की संख्या में इजाफा होने से प्रयोगशालाओं से रिपोर्ट समय से नहीं मिल पा रही है। इससे रोगियों के उपचार में विलंब हो रहा है। कहा कि उक्त लक्षण वाले मरीजों को दवाइयों की किट दी जा रही है। इसमें पैरासिटामाल, एजिथ्रोमाइसिन, डॉक्सीसाइक्लीन, आइवरमेक्टीन, पेंटाप आदि दवाएं हैं। साथ ही दिन में चार लीटर पानी और तीन बार भाप जरूर लें, घबराएं नहीं। (संवाद)
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चिकित्सकों से फोन पर परामर्श लें मरीज
बांदा। कोरोना संक्रमण से ओपीडी बंद होने के मद्देनजर चिकित्सक मरीजों को फोन पर परामर्श देंगे। स्वास्थ्य विभाग ने परामर्श के लिए डाक्टरों के नंबर और समय जारी किया है। इनमें जिला अस्पताल के पांच, सीएचसी-पीएचसी के नौ और निजी चिकित्सालयों के 11 डाक्टर शामिल हैं। परामर्श के लिए अलग-अलग समय निर्धारित है। सीएमओ डा. एनडी शर्मा ने बताया कि निर्धारित अवधि में कोई भी मरीज डाक्टरों से संपर्क कर चिकित्सीय परामर्श हासिल कर सकते हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सकों में हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. टीआर सरसैया (9839316880), फिजिशियन डा. एसडी त्रिपाठी (9415331860), ईएनटी सर्जन डा.मुकेश कुमार (9451142820), नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. एसएन मिश्रा (9838821161), डा. एसपी गुप्ता (9451761231), सीएचसी-पीएचसी में डॉ. प्रसून जायसवाल (बबेरू) मोबाइल 9711171263, डॉ. अमर सिंह (जसपुरा) 7355498136, डॉ. बीएस राजपूत (अतर्रा) 9415073659, डॉ. लवलेश सिंह (नरैनी)- 9140593165, डॉ. दीपक यादव (महुआ, बहेरी) 8384854345, डॉ. शिव पाल (कमासिन) 9956610468, डॉ. अनवर (बिसंडा) 9794566951, डॉ. जितेंद्रमणि द्विवेदी (जौरही) 7272090455 व डॉ. अखिलेश सिंह (तिंदवारी) के मोबाइल नंबर 7007417769 पर परामर्श लिया जा सकता है।
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नाइट कर्फ्यू जारी, आज खुलेंगी दुकानें
चित्रकूट। जिले में नाइट कर्फ्यू जारी रहने के बावजूद कोरोना से बचाव के लिए लोग जागरूक नहीं हैं। रात दस बजे तक शहर की सड़कों पर आवागमन रहता है। उधर, वीकेंड लॉकडाउन दो दिन का होने से अब जिले के मुख्यालय में बृहस्पतिवार को होने वाली साप्ताहिक बंदी स्थगित कर दी गई है। इस कारण दुकानदार कोविड गाइडलाइन के अनुसार दुकानें खोल सकते हैं। डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ला के आदेश के बाद से 30 अप्रैल तक नाइट कर्फ्यू जारी है। रात 8 से अगले दिन सुबह सात बजे तक पूरी बंदी रखने का प्रस्ताव है। जिले में कई जगह इसका पालन भी हो रहा है, पर कुछ स्थानों पर लोग जागरूक नहीं है। कोरोना पर नियंत्रण के लिए जिले के सभी प्रमुख स्थानों पर ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी लोगों को घरों पर ही रहने को प्रेरित करते हैं। जिले की सीमा से सटे मध्यप्रदेश के चित्रकूट क्षेत्र में तो एक मई तक लॉकडाउन है। एसडीएम रामप्रकाश ने बताया कि दो दिन का लॉकडाउन होने से जिले में बृहस्पतिवार को होने वाली बाजार बंदी फिलहाल स्थगित है। बृहस्पतिवार को भी दुकानदार दुकानें खोल सकते हैं। (संवाद)
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फोटो परिचय-2-खोह स्थित कोविड अस्पताल के गेट के पास ही मरीजों के परिजनों को दवा देते स्वास्थ्यकर्मी। संवाद
3- गेट के पास ही आराम करते मरीजों के परिजन। संवाद
4-पास में ही लगा कूडे़ का ढेर। संवाद
अस्पताल गेट पर रात काट रहे तीमारदार
चित्रकूट। कोविड अस्पताल खोह सहित जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदारों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हैं। जगह न मिलने पर अस्पताल गेट पर तीमारदार रात गुजार रहे हैं। खोह गांव के पास स्थित जच्चा-बच्चा अस्पताल में अधिकतर मरीज भर्ती है। परिजन अस्पताल परिसर में ठीक होने का इंतजार करते रहते हैं। एक मरीज के परिवार के सदस्य ने बताया कि अपने मरीज की चिंता में तीन दिनों से जग रहा है। वहीं, कोविड अस्पताल परिसर के ही बाहर कोरोना मरीजों को देखने के बाद पीपीई किट फेंक दी जाती है। तीमारदारों ने बताया कि अस्पताल के अंदर शौचालय की पर्याप्त सफाई भी नहीं की जाती। वहां भी गंदगी रहती है। उधर, जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक है, जिससे मरीजों लाने-ले जाने के लिए एक ही स्ट्रेचर का उपयोग किया जा रहा है। उधर, प्रभारी सीएमओ डा. इम्तियाज अहमद ने बताया कि रोजाना सफाई की जा रही है। खोह के कोविड अस्पताल को रोजाना सैनिटाइजेशन कराया जाता है। जिला अस्पताल में भी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं है। टेलीमेडिसिन प्रणाली से भी घर बैठे सामान्य मरीजों का इलाज किया जा रहा है। (संवाद)
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टेलीमेडिसिन का उठाएं लाभ
चित्रकूट। डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने बताया कि संयुक्त जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा टेलीमेडिसिन के जरिए मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएंगी। कोरोना को देखते हुए 17 विशेषज्ञ चिकित्सक मरीजों को फोन पर परामर्श देंगे। इसमें मरीजों को बुखार, जुखाम समेत अन्य प्रकार के रोगों से संबंधित मरीजों सुबह 8 से रात 10 बजे तक परामर्श दी जाएगी। सीएमओ डा. आरके गुप्ता ने बताया कि टेलीमेडिसिन पर पूरे जिले के लोग परामर्श ले सकते हैं। बताया कि दोपहर दो बजे से रात 10 बजे तक डा. बीएस द्विवेदी-7905673774, डा. सत्य सिंह 9580971134, डा. एके सिंह- 9453582294, डा. राजेश खरे 9415344776, डा. गिरीश चंद्र पांडेय 7408073810, सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक डा. ऋषि कुमार 9125397009, डा. पीडी चौधरी 9956725782, डा. एचसी अग्रवाल 9451427377, डा. शैलेंद्र सिंह 9415578854, डा. कन्हैया लाल 9415840477, डा. आरबी लाल 9793237544, डा. एके मोहन 9415170078, डा. मोहित गुप्ता 9993591768, डा. रफीक अंसारी 8318830479, डा. सुकृति कुशवाहा 9919036406, डा. नरेंद्रदेव पटेल 6393018337 और डा. राजीव पाल के मोबाइल नंबर 8299174079 पर संपर्क कर सकते हैं। (संवाद)
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संक्रमण बढ़ा तो टीकाकरण धीमा
मानिकपुर। कोरोना संक्रमण बढ़ने से लोग दहशत में हैं।लोगों का कहना है कि संक्रमण बढ़ने से अब कोरोना का टीका लगवाने जाने वालों की संख्या भी कम हो गई है। पहले सीएचसी में एक दिन में सौ से डेढ़ सौ लोग टीका लगवाते थे। बुधवार को हालत यह हो गई कि दस लोग ही दोपहर तक टीका लगवाने पहुंचे। (संवाद)
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नियम तोड़ने पर जुर्माना वसूला
खोही। जिले की सीमा से सटे नयागांव थाना क्षेत्र चित्रकूट मप्र क्षेत्र में कोरोना कर्फ्यू सात मई तक बढ़ा दिया गया है। पहले यह एक मई था। बुधवार को मास्क न पहनने वालों पर कार्रवाई की गई। एसआई राजेंद्र कुशवाहा ने बताया कि नियम तोड़ने वालों से कुल 1500 रुपये समन शुल्क वसूला गया है। (संवाद)
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कोरोना जांच के नाम पर वसूली
शिवरामपुर। शिवरामपुर सीएचसी में इन दिनों कोरोना की जांच कराने के लिए मरीजों की भीड़ लग रही है। स्थानीय कई लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ स्वास्थ्य कर्मी जांच कराने के नाम पर सौ से दो सौ रुपये तक वसूल रहे हैं। इसकी शिकायत की तो कुछ लोगों के रुपये वापस किए गए। इस संबंध में सीएचसी प्रभारी उमेश कुमार ने आरोपों को गलत बताया है। (संवाद)