एक और बांदा की बहादुर बेटी पुरस्कृत और सम्मानित हुई है। यहां के प्रसिद्ध साहित्यकार और कवि डॉ.चंद्रिका प्रसाद दीक्षित ‘ललित’ की बेटी अनामिका दीक्षित आयोग से चयनित होकर इन दिनों खुर्जा (बुलंदशहर) में आर्य कन्या महाविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर है।
हाल ही में अनामिका अपने दो बच्चों के साथ खुर्जा में बैंक से पैसा निकालकर घर लौट रहीं थीं तभी दो लुटेरे उनका पर्स छीनकर भागने लगे। अकेली अनामिका ने दोनों लुटेरों को खदेड़कर दबोच लिया और धुनाई के बाद पुलिस के हवाले कर दिया।
अनामिका का रुपये से भरा पर्स वापस मिल गया। उसकी इस बहादुरी पर प्रदेश के शिक्षामंत्री सहित बुलंदशहर के डीएम और एसपी ने हाल ही में अनामिका को सम्मानित और पुरस्कृत किया है।
विश्व महिला दिवस पर बांदा की इस बहादुर बेटी को बुंदेलखंड सेना अध्यक्ष कैप्टन सूर्य प्रकाश मिश्र ने ‘महारानी लक्ष्मीबाई सम्मान’ और कालिंजर विकास समिति के बीडी गुप्त ने ‘रानी दुर्गावती सम्मान’ दिए जाने की घोषणा की है।
अनामिका पूर्व में पीजी कालेज बांदा की छात्रा थीं और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में तत्कालीन राज्यपाल ने स्वर्ण पदक प्रदान किया था।