बांदा। वाहनों की सुरक्षा और पहचान बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा वाहनों में अनिवार्य की गई हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएस आरपी) यहां मंडल मुख्यालय बांदा में वाहन स्वामियों के लिए शोषण और परेशानी का जरिया बनी हुई है। इसका ठेका हथियाने वाली संबंधित एजेंसी पूरा शुल्क जमा करा लेने के बाद भी कई-कई माह वाहन स्वामियों को चक्कर लगवा रही हैं। केंद्र की योजना की किरकिरी करा रही है।
वाहनों में एचएसआरपी लगाने के लिए यहां मयूर मोटर्स ( कालू कुआं) को अधिकृत किया गया है। लेकिन एजेंसी के व्यवहार और बदसुलूकी से वाहन स्वामियों में रोष है। एजेंसी संचालक काफी रसूख वाले बताए जाते हैं। शुल्क जमा कर लेने के बाद महीनों चक्कर लगवा रहे हैं। अक्सर वाहन स्वामियों से नोकझोंक हो रही है।
ऐसे ही मामले में एक बाइक स्वामी ने बताया कि उक्त एजेंसी में एचएसआरपी लगवाने के लिए दो माह पहले आठ अक्तूबर को 495 रुपये जमा किए गए थे। तब से अब तक प्लेट नहीं लगी। मुख्य शहर से दूर स्थित एजेंसी में कभी काम अधिक होने तो कभी प्लेट तैयार न होने जैसे जवाब दिए जाते रहे। रविवार को पुनः जाने पर मशीन खराब होने की बात कही गई। एजेंसी में बैठे अशोक अग्रवाल का दोटूक कहना था कि ये सब चलता है। ऐसी स्थिति हो जाती है। प्लेट्स के बारे में अन्य जानकारी देने से मना कर दिया।
-सरकार वाहनों पर एचएसआरपी लगवाने पर पूरा जोर दे रही है। एजेंसी का ऐसा रवैया अनुचित है। वह इसकी जानकारी कराएंगे।
-शंकर जी सिंह, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ)