चित्रकूटधाम मंडल में लगातार दूसरे दिन भी झमाझम बारिश से हर तरफ पानी ही पानी हो गया। बांदा में सबसे ज्यादा 53 मिमी और चित्रकूट में सबसे कम 7.5 मिलीमीटर बारिश हुई। हमीरपुर व महोबा में 22 व 34 मिमीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। अब तक जुलाई माह में पिछले वर्ष से इस वर्ष 13 मिलीमीटर बारिश ज्यादा हो चुकी है।
बीते साल जनवरी से जुलाई तक 272 मिमी बारिश हुई थी। जबकि इस वर्ष इस अवधि में 285 मिमी बारिश हुई है। मंगलवार को बारिश से जिलाधिकारी कार्यालय (कलेक्ट्रेट) परिसर समेत वीआईपी इलाकों में भी जलभराव रहा। तमाम मकानाें में पानी भर गया। शहर के कई चौराहे-तिराहे जलमग्न नजर आए।
सोमवार को दोपहर बाद बारिश का सिलसिला दूसरे दिन मंगलवार को दोपहर बाद फिर शुरू हुआ। इससे पहले बादल और धूप के बीच उमस भरी गर्मी रही। 3 बजे के बाद मौसम ने करवट ली और घने बादलों ने जमकर बारिश की। करीब एक घंटे तक झमाझम बारिश से मंडल मुख्यालय की जल निकासी व्यवस्था की पोल खुली।
कलेक्ट्रेट परिसर, कचहरी के आसपास, तहसील के सामने नए पुल के नीचे, न्यू मार्केट की गली, स्वराज कालोनी, अमर टाकीज तिराहा, लोहिया पुल, कचहरी रोड आदि तमाम इलाकों में बाढ़ जैसा नजारा हो गया। कलेक्ट्रेट के पास स्वतंत्रता स्मारक अशोक लाट तिराहे पर स्थित नाला उफना जाने से पूर्व सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता रामनाथ दुबे के घर में जलभराव हो गया।
यहीं सरकारी पीडब्ल्यूडी में पानी भर जाने से सरकारी आवास चारों तरफ पानी से घिर गए। यह पानी तत्काल निकालने की कोई व्यवस्था प्रशासन ने नहीं की। घंटों बाद पानी अपने आप खत्म हुआ। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक पूरे चित्रकूटधाम मंडल में मंगलवार को बारिश का औसत 47 मिलीमीटर रहा।
पूर्वानुमान विभाग के मुताबिक बारिश का यह सिलसिला 9 जुलाई तक चलने की संभावना है। अतर्रा, नरैनी और बबेरू प्रतिनिधियों के मुताबिक मंगलवार को जोरदार बारिश से खेतों में हर तरफ पानी भर गया। किसानों ने धान की बेड़ डालने की तैयारी कर दी।