बेसिक शिक्षा विभाग अब पब्लिक स्कूलों की तर्ज पर परिषदीय स्कूलों में भी परीक्षा कराएगा। परिषदीय स्कूलों के बच्चों को परीक्षा में उत्तर लिखने के लिए अब अपनी कापियों के पन्ने नहीं फाड़ने पड़ेंगे। न ही ब्लैक बोर्ड पर सवाल देखना हाेंगे। उन्हें प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाएं देकर परीक्षा कराने की तैयारी है।
इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग बजट जारी करेगा। परीक्षा का यह नया पैटर्न इसी वर्ष से लागू होगा। मंडलायुक्त ने प्रदेश सरकार के इस आदेश को मंडल के सभी जनपदों में बेसिक शिक्षा अधिकारियों को भेजा है।
शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर परिषदीय स्कूलों की लगातार किरकिरी हो रही है। अपनी साख बचाने को बेसिक शिक्षा विभाग कई नए जतन कर रहा है। उसी में एक यह भी है कि परिषदीय स्कूलों की परीक्षा पब्लिक स्कूलों की तरह कराई जाए।
परिषदीय स्कूलों में अब बच्चों को साल भर में चार परीक्षाएं देनी होंगी। इन चारों परीक्षाओं के प्राप्तांकों से ही डिवीजन (श्रेणी) तय की जाएगी। बेसिक शिक्षा सचिव से मिले निर्देशों के मुताबिक कक्षा एक के छात्र-छात्राओं की सिर्फ मौखिक परीक्षा होगी।
कक्षा दो से तीन तक के छात्र-छत्राओं में लिखित व मौखिक दोनों परीक्षाएं होंगी। कक्षा चार व पांच में लिखित परीक्षा 70 नंबर की तथा मौखिक 30 नबंर की होगी। कक्षा 7 से 8 तक सिर्फ लिखित परीक्षाएं होंगी। तिमाही परीक्षा में ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न लिखे जाएंगे।
जबकि अर्द्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षा में प्रश्न पत्र के साथ उत्तर पुस्तिकाएं दी जाएंगी। चारों परीक्षाओं की समय सारिणी बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से जारी होगी।
मंडलालयुक्त के माध्यम से बेसिक शिक्षा सचिव का परीक्षा संबंधी निर्देश मिला है। इस पर अमल कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया जा रहा है। नई व्यवस्था से छात्र-छात्राओं का मनोबल बढ़ेगा।-वीके तिवारी, प्रभारी बीएसए, बांदा