बांदा। बरसाती जलभराव से संक्रामक बीमारियों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 68 जल प्लावित गांवों में कार्रवाई तेज कर दी है।
टीमों की ओर से लार्वा निरोधक दवा और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है। ग्रामीणों को पानी शुद्ध करने के लिए क्लोरीन की गोलियां और ओआरएस का वितरण किया गया है।
सीएमओ विजेंद्र सिंह ने बताया कि जसपुरा ब्लॉक के 11, बड़ोखर के सात, नरैनी के सात, बबेरू के नौ, तिंदवारी के आठ, कमासिन के पांच, बिसंडा के तीन और महुआ के सात गांवों में अत्यधिक जलभराव की स्थिति सामने आने की सूचना मिली है। इन गांवों में संक्रमण से बचाव के लिए लगातार निगरानी और स्वास्थ्य शिक्षा का काम किया जा रहा है।
विभाग की ओर से जलभराव वाले गांवों में 5,828 पैकेट ओआरएस और 16,871 क्लोरीन की गोलियां वितरित की जा चुकी हैं। बुखार से पीड़ित मरीजों की पहचान कर उनकी मलेरिया जांच कराई जा रही है। ग्रामीणों को जलजनित और संक्रामक रोगों से बचाव के उपाय भी बताए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जलभराव वाले क्षेत्रों में मरीजों के उपचार के लिए सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक बेड, सामान्य और आकस्मिक उपचार की व्यवस्था की गई है। जीवन रक्षक दवाओं के साथ 6,000 पैकेट ब्लीचिंग पाउडर, ढाई लाख क्लोरीन की गोलियां और 4,12,055 पैकेट ओआरएस उपलब्ध हैं।