बांदा। एंबुलेंस की लेटलतीफी ने एक बार फिर एक बीमार युवक की जान ले ली। पति का शव लेकर पत्नी मंडलायुक्त आवास की नाक तले घंटों रोती बिलखती रही। बाद में ई-रिक्शा से अस्पताल ले गई। वहां डॉक्टरों ने मौत की पुष्टि कर दी।
शहर के आजाद नगर का मजदूर विनोद धुरिया (26) कई दिनों से बीमार था। बृहस्पतिवार को उसकी हालत बिगड़ी तो घर वालों ने सरकारी एंबुलेंस को कॉल की। विनोद के रिश्ते में भतीजे जीतू ने बताया कि एंबुलेंस न आने पर ई-रिक्शा से अस्पताल ला रहे थे। रास्ते में ही विनोद की मौत हो गई। पत्नी जानकी मंडलायुक्त आवास के पास सड़क किनारे शव को लिए बैठी रोती-बिलखती रही। सिविल लाइन पुलिस भी पहुंच गई। शव को घर पहुंचाने के लिए पुलिस ने भी एंबुलेंस को कॉल किया, लेकिन एंबुलेंस नहीं आई। लिहाजा विनोद की पत्नी और रिश्ते का साढ़ू बबलू ई-रिक्शे में शव रखकर घर आए।