कारागार के बाहर मीडिया से बातचीत करते डीआईजी (जेल) बीआर वर्मा।
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बांदा। बंदी के भागने की खबर देर रात तक दबाए रखने के बाद तड़के डिप्टी जेलर ने बंदी फरारी की रिपोर्ट दर्ज कराई। शुक्रवार की दोपहर जेल डीआईजी भी आ गए। लगभग दो घंटे जेल का जायजा लेने के बाद संबंधित हेड वार्डर (प्रधान बंदी रक्षक) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही घटना के समय ड्यूटी पर तैनात तीन होमगार्डों पर कार्रवाई के लिए जिला होमगार्ड कमांडेंट को पत्र भेजने के निर्देश दिए।
गुरुवार को 20 बंदियों का समूह (कमान) जेल के बाहर बगिया में काम पर भेजा गया था। शाम को वापस जेल में दाखिल होते समय विचाराधीन बंदी बच्छराज पुत्र रंजीत फरार हो गया। वह कमासिन थाना क्षेत्र के ममसी खुर्द गांव का रहने वाला है। पुलिस ने उसे 14 जुलाई को शस्त्र अधिनियम में जेल भेजा था।
बंदी के अचानक गायब होने की जानकारी मिलते ही जेल में हड़कंप मच गया, लेकिन जेल प्रशासन ने चालाकी के साथ घटना को दबाए रखा। फोन पर भी गोलमोल जवाब देते रहे। प्रशासनिक अधिकारियों और कोतवाली पुलिस को भी जानकारी नहीं हुई। जेलकर्मी फरार बंदी को देर रात तक तलाशते रहे, पर कोई सुराग नहीं लगा। अंतत: तड़के दो बजे कोतवाली में डिप्टी जेलर वीरेश्वर प्रसाद ने रिपोर्ट दर्ज कराई।
घटना की जानकारी पर प्रयागराज से डीआईजी (जेल) बीआर वर्मा आ गए। लगभग दो घंटे तक जेल के अंदर उन्होंने जेलकर्मियों से पूछताछ की। जेल के बाहर निकलने पर डीआईजी ने मीडिया को बताया कि फरार बंदी बाहरी कमान से भागा है। संभावना है कि बाग के गेट के बगल में खाली स्थान से भागा। डीआईजी ने बताया कि इस कमान के प्रभारी हेड वार्डर सत्येंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
तीन होमगार्डों पर कार्रवाई के लिए जिला होमगार्ड कमांडेंट को पत्र भेजने के निर्देश दिए। घटना की जांच कराई जा रही है। कोई और दोषी मिला तो उस पर भी कार्रवाई होगी। फरार बंदी की तलाश के लिए पुलिस और जेल बंदी रक्षकों की संयुक्त दो टीमें बनाई गई हैं। उसकी खोज लगातार की जा रही है। डीआईजी की जांच के समय प्रभारी जेल अधीक्षक आरके सिंह भी मौजूद रहे।