बांदा। कई-कई बार हज करने की तमन्ना अब पूरी नहीं होगी। भारतीय हज कमेटी किसी भी मुसलिम को जीवन में सिर्फ एक बार हज की अनुमति देगी। कुछ खास मामलों में सशर्त दूसरी बार हज के लिए हरी झंडी मिलेगी।
हज यात्रा के दौरान किसी तरह का कारोबार भी नहीं किया जा सकेगा। फकीर या भिखारी हज के लिए नहीं जा सकेंगे। हज कमेटी आफ इंडिया के प्रशिक्षक बांदा निवासी हाजी गुलाम मुस्तफा ने उपर्युक्त जानकारी देते हुए बताया कि हज कमेटी आफ इंडिया ने हज यात्रा-2015 का प्रोग्राम जारी कर दिया है।
इस वर्ष हज पर जाने के लिए आवेदन पत्र भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। भारतीय हज कमेटी से जारी किए गए निर्देशों में कहा गया है कि कोई भी मुसलिम जिंदगी में सिर्फ एक बार हज कमेटी आफ इंडिया के जरिए हज के लिए जा सकेगा। दूसरी बार हज कमेटी उसे अनुमति नहीं देगी।
अलबत्ता किसी महिला के अकेले जाने पर या 70 वर्ष से अधिक उम्र के हज यात्री के साथ मददगार के रूप में कुछ शर्तों के साथ दोबारा हज पर जाने की अनुमति मिल सकेगी। हज कमेटी ने यह भी बताया है कि हज यात्रा पर जाने वालों को सऊदी अरब कानून के तहत ठहरने के लिए सिर्फ चार वर्ग मीटर जगह मिलेगी।
सऊदी हुकूमत एसी कमरों में एक गद्दा और एक कंबल मुहैया कराएगी। गैस सिलेंडर भी मुफ्त मिलेगा। हरेक हज यात्री को अपना मेडिकल चेकअप कराकर अपने स्वस्थ होने का प्रमाण पत्र देना होगा। अपनी मेडिकल हिस्ट्री और स्क्रीनिंग रिपोर्ट हज आवेदन के साथ देनी पड़ेगी। यह किसी एमबीबीएस डाक्टर द्वारा दी गई हो। हज यात्रा से छह हफ्ते पहले पोलियो ड्राप पीना जरूरी है। हज यात्रा 30 से 40 दिनों की होती है।
राजनीतिक साहित्य या विस्फोटक सामग्री पर रोक
बांदा। हज यात्रा में किसी भी तरह की विस्फोटक सामग्री, वियाग्रा जैसी दवाएं, पका हुआ खाना इत्यादि ले जाने पर रोक रहेगी। इसका उल्लंघन करने वालों को सऊदी हुकूमत अपने कानून के तहत सजा देगी। किसी भी तरह का राजनीतिक साहित्य (लिट्रेचर) ले जाने पर भी कड़ाई से पाबंदी लगाई गई है।
हज कमेटी आफ इंडिया द्वारा जारी निर्देशों में हज यात्रियों को खबरदार किया गया है कि किसी भी तरह का सियासी, भड़काऊ या अश्लील साहित्य न ले जाएं। वरना सऊदी हुकूमत सख्त सजा देगी। हज के दौरान किसी हादसे या सामान्य मौत पर सऊदी हुकूमत शव का अंतिम संस्कार अपने कानून-कायदों के तहत वहीं कर देगी। मृत्यु प्रमाण पत्र मृतक के रिश्तेदारों को भेज दिया जाएगा।