नरैनी। भूजल स्तर में आई जबरदस्त गिरावट से कस्बे मेें करीब दो हजार हैंडपंपोें ने पानी देना बंद कर दिया है। ये हैंडपंप साधारण तकनीक से लगभग 20 वर्ष पूर्व लगवाए गए थे।
पिछले कई वर्षों से पूरे बुंदेलखंड में भूजल के लगातार नीचे जाने का सिलसिला चल रहा है। लेकिन इस वर्ष यह स्थिति कुछ ज्यादा ही गंभीर है। ढुकवा बोर से लगवाए गए हैंडपंप मात्र 35 से 45 फिट गहराई तक थे।
जलस्तर नीचे खिसकते ही इन हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया। जिन घरों में यह हैंडपंप थे वहां पानी का संकट पैदा हो गया है। इन घरों के लोग अब दूर दराज स्थित इंडिया मार्का हैंडपंप या कुओं से पानी ला रहे हैं।
पटेल नगर के ओम प्रकाश पांडेय, मुस्तकीम अहमद, अफरोज, अली हुसैन, देविन नगर के रामबहोरी, रामनिहोर, विवेक मिश्रा, गांधी नगर के श्रीराम बड़गइयां, देवशरण त्रिपाठी, राजेश द्विवेदी, कृष्णा नगर के मोहम्मद रज्जाक, सूर्य प्रकाश मिश्रा, मोहन साहू, जवाहर नगर के चंद्र प्रकाश शुक्ला, जगदीश यादव, लालबाबू, इंदिरा नगर के आनंद शुक्ला, उजेंद्र सिंह, नंदू राजपूत, राजनगर के एमए हादी नियाजी, श्यामू राजपूत, सुभाष नगर के बाबू गुप्ता, नत्थू राजपूत, शास्त्री नगर के भगवान दास शास्त्री, कमलेश, किदवई नगर के वार्ड सदस्य ज्ञानेंद्र पांडेय, राजू पांडेय, रामनगर के बड़े भइया कुशवाहा, कल्लू रैदास और राजीव नगर के गज्जू विश्वकर्मा, सुरेश पटेल ने बताया कि उनके घरों के हैंडपंप बंद हो गए हैं।