बांदा। गौसे आजम शेख अब्दुल कादिर जीलानी का यौमे
विलादत (जन्मदिन) जोश-खरोश से मनाया गया। मुख्य आयोजन जुलूसे गौसिया रहा।
जुमा की नमाज के बाद शाम तीन बजे खानकाह दरगाह रोड (कालवनगंज) से रवाना हुआ
जुलूस देर रात तक शहर में भ्रमण करता रहा। जुलूस में हरे परचमों के साथ झांकियां भी रहीं। जगह-जगह लंगर हुआ।
नात
और कव्वालियों की गूंज के बीच जुलूस छिपटहरी, मर्दन नाका, कुंजरहटी, डीएवी
कालेज, बारी मोहाल, टेलीफोन टावर, जिला परिषद चौराहा, गोल कोठी, अलीगंज,
ईदगाह, अलीगंज, अमर टाकीज तिराहा, गूलर नाका, छावनी, चौक बाजार होता हुआ
वापस खानकाह दरगाह में देर रात खत्म हुआ।
एक दर्जन से ज्यादा
मोहल्लों से आए झंडे और झांकियां इसमें शामिल थे। विभिन्न मोहल्लों की
अंजुमन (समितियां) के लोग अलग-अलग रंगों में सिर पर पगड़ी बांधे रहे।
खुद्दामे
गौसे ख्वाजा मरकजी कमेटी के पदाधिकारी शामिल रहे। हरी झंडी एबी खां ने
दिखाई। हाजी गुलाम मुस्तफा, हाजी जाहिद, हाजी फारूक अहमद, अजीजुस्समद,
मेराज अहमद, हमीद अहमद इत्यादि शामिल रहे।
उधर, सिटी मजिस्ट्रेट
आरके श्रीवास्तव, सीओ विनोद सिंह, कोतवाली प्रभारी जनमेजय सचान, देहात
कोतवाली प्रभारी संजय सिंह यादव समेत बड़ी तादाद में फोर्स पूरे समय जुलूस
में रहा।
मर्दन नाका, कुंजरहटी, छावनी, मनोहरी गंज आदि मोहल्लों
में जुलूस की अगुवानी हुई और लंगर बंटा। अब इस्लामी कलेंडर के रबीउस्सानी
माह में पूरे महीने गौसे आजम के नाम पर फातेहा ख्वानी होगी।