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गुरेह हत्याकांड : एफआईआर में खुली पुलिस की पोल

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जर्ला अस्पताल में डाक्टरी को आए हत्यारोपी बिंदा और शिवपूजन। - फोटो : BANDA
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बांदा। गुरेह गांव में पूर्व विधायक के पौत्र की सरेशाम गोली मारकर की गई हत्या में देहात कोतवाली पुलिस की लापरवाही की पोल पुलिस की दर्ज रिपोर्ट में खुल गई। 28 वर्षीय विजय सिंह उर्फ लब्बू की हत्या अचानक नहीं हुई। यह विवाद 22 दिन से चल रहा था। हत्याभियुक्तों ने दो बार मृतक के घर हमला और फायरिंग की लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। हत्या वाले दिन भी सुबह विवाद हुआ और आरोपियों को मृतक के परिजनों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने मामूली दफा 151 में चालान कर दिया। कुछ ही घंटों बाद जमानत पर छूटकर आए आरोपियों ने हत्याकांड अंजाम दिया।
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गुरेह गांव में बीती सोमवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे घर के सामने बैठे विजय सिंह उर्फ लब्बू की तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी गई। लब्बू के भाई नीतेश सिंह पुत्र विनोद सिंह की दर्ज कराई एफआईआर में कहा गया है कि पहली जून की रात करीब 11 बजे घर के सामने रहने वाले बिंदा सिंह व हर्षित सिंह आदि ने उसके घर में लूटपाट कर फायर किया। यूपी-112 और थाने में सूचना दी गई लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। 3 जून को फिर बिंदा सिंह, हर्षित सिंह व आशू आदि ने रात 11 बजे फायरिंग की और जान से मारने की धमकी दी। इसकी सूचना फिर पुलिस को दी गई। इस बार भी पुलिस ने लापरवाही की। मृतक के पिता विनोद सिंह ने रजिस्टर्ड डाक पुलिस अधिकारियों को अर्जी/तहरीर भी भेजी पर पुलिस ने फिर कोई तवज्जो नहीं दी।
एफआईआर के मुताबिक 22 को सुबह 10 बजे बिंदा, हर्षित व आशू नीतेश व लब्बू आदि के घर घुस आए और गालियां दीं। विजय व विपुल ने हर्षित दबोच लिया और देहात कोतवाली पुलिस को सूचना दी। 11 बजे पुलिस आई और विपुल व हर्षित को ले गई लेकिन सिर्फ धारा 151 में चालान किया। दोनों उसी दिन जमानत पर छूटकर आए और शाम को घर के सामने दीवार की पट्टी पर बैठे विजय उर्फ लब्बू को पकड़कर ललकारा। डंडे से उस पर हमला कर दिया। बिंदा ने तमंचे से लब्बू को गोली मार दी। एफआईआर में यह भी बताया गया है कि अभियुक्त हाल ही में धारा 307 के मामले में जमानत पर छूटकर आया है।
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उधर, गुरेह गांव में विजय उर्फ लब्बू सिंह की हत्या के मामले में पिता-पुत्र सहित इसी गांव के चार लोगों को नामजद किया गया है। इनमें दो को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दो फिलहाल फरार बताए गए हैं। मृतक के भाई नितेश सिंह की तहरीर पर गांव के बिंदा पुत्र सुखवीर सिंह और उसके पुत्र हर्षित सिंह सहित शिवपूजन आरख पुत्र सियाराम और आशू पुत्र प्रदीप सिंह के विरुद्ध धारा 302 व 34 की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
देहात कोतवाली इंसपेक्टर हुकुम पाल सिंह ने बताया कि मंगलवार को बिंदा सिंह व शिवपूजन आरख को गांव में तालाब के पास गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके पास 315 बोर तमंचा, चार कारतूस व दो खोखा बरामद हुए हैं। दोनों को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। यह भी बताया कि शेष दो अभियुक्तों हर्षित सिंह व आशू की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमें जुटी हुई हैं।
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