बांदा। गनर पर शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाने वाली महिला के मामले में बुधवार को परिवार परामर्श केंद्र में सुनवाई होगी। पुलिस जांच में दोनों के पति-पत्नी होने की पुष्टि होने के बाद प्रकरण को परिवार परामर्श केंद्र भेजा गया है। दोनों पक्षों को नोटिस देकर उपस्थित होने के लिए कहा गया है।
पुलिस के अनुसार महिला और गनर ने 12 दिसंबर 2024 को मध्यप्रदेश के मैहर स्थित शारदा देवी मंदिर में विवाह किया था। शादी के समय महिला का भाई भी मौजूद था। इसके बाद 16 दिसंबर 2024 को दोनों ने वैवाहिक इकरारनामा भी कराया। विवाह और इकरारनामे से संबंधित फोटो एवं दस्तावेज जांच में मिले हैं।
नरैनी क्षेत्र की रहने वाली महिला ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि गनर ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। गर्भवती होने के बाद 29 जून 2026 को उसने पुत्र को जन्म दिया, लेकिन दो दिन बाद बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद गनर ने उससे दूरी बना ली, फोन ब्लॉक कर दिया और साथ रखने से इनकार कर दिया।
वहीं, पुलिस जांच में सामने आया कि बच्चे की मौत के बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ा। इसी दौरान गनर ने अपनी ड्यूटी हटाने के लिए पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया था। जांच के बाद मामला पारिवारिक विवाद का पाए जाने पर परिवार परामर्श केंद्र भेज दिया गया।
पूर्व पति पर दर्ज है जानलेवा हमले की प्राथमिकी
पुलिस के अनुसार महिला की पहले मध्य प्रदेश दतिया के राहुल निषाद से मंदिर में शादी हुई थी, जिससे उसकी सात वर्ष की एक बेटी है। दोनों का तलाक नहीं हुआ है। महिला ने वर्ष 2019 में पूर्व पति के खिलाफ नरैनी कोतवाली में जानलेवा हमले की प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें आरोपपत्र दाखिल हो चुका है।
सामूहिक दुष्कर्म प्रकरण के बाद मिली थी सुरक्षा
महिला वर्ष 2011 में दर्ज चर्चित सामूहिक दुष्कर्म प्रकरण के कारण भी सुर्खियों में रही थी। उस मामले में तत्कालीन बसपा विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी समेत अन्य आरोपियों को न्यायालय से सजा मिली थी। उसी प्रकरण के बाद उच्च न्यायालय के आदेश पर महिला को सुरक्षा के लिए गनर उपलब्ध कराया गया था।
वर्जन
गनर ने 13 जुलाई को प्रार्थना पत्र देकर महिला की सुरक्षा ड्यूटी से हटाने का अनुरोध किया था। उसने लिखा था कि यदि उसे नहीं हटाया गया तो वह आत्महत्या कर लेगा। मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है। बच्चे की मृत्यु के बाद दोनों के बीच विवाद हुआ। अब मामला परिवार परामर्श केंद्र को भेजा गया है, जहां दोनों पक्षों को बुलाया गया है।
पलाश बंसल, पुलिस अधीक्षक, बांदा