बांदा। अब समय आ गया है कि ई-व्यापार के खिलाफ खुदरा व्यापारी अपना व्यवसाय बचाने के लिए सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन करें।
आनलाइन
ट्रेडिंग ने छोटे व्यवसायियों की कमर तोड़ दी है। ये बातें राष्ट्रीय
उद्योग व्यापार संगठन के मंडलीय खुदरा व्यापारी सम्मेलन में राष्ट्रीय
अध्यक्ष अमित गुप्ता ने कहीं।
स्टेशन रोड स्थित होटल अतिथि में
रविवार को उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जीएसटी, सीजीएसटी, एसजीएसटी और
आईजीएसटी जैसे तिहरा कर लगाने की योजना बना रही है।
इसे व्यापारी
स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से इसे एकमुश्त प्रणाली के तहत
लगाने की मांग की, ताकि कर की दर 18 फीसदी से ज्यादा न हो और देश में
महंगाई पर अंकुश लगाया जा सके।
राज्य महिला आयोग सदस्य सदस्य गीता
गुप्ता ने कहा कि ई-व्यापार का प्रचलन बढ़ने से खुदरा व्यापारियों के सामने
रोजी-रोटी बचाने का संकट आ गया है। ई-कामर्स का वर्तमान बाजार 40 हजार
करोड़ डालर का है।
ई-कंपनियों की वैल्यू बढ़ाने का गोरखधंधा हो रहा
है। इसे घाटे का व्यापार दिखाकर लाखों करोड़ों की पूंजी जुटाई जा रही है।
देश का पैसा ई-कामर्स प्लेटफार्म के जरिये विदेशों में जा रहा है।
अब
वेबसाइट के साथ मोबाइल एप्लीकेशन से आनलाइन शॉपिंग की जा रही है। दिल्ली
विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने कहा कि फूड एंड सैंपलिंग एक्ट में
परिवर्तन की जरूरत है।
आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि अब
इसका लाभ वास्तविक जरूरतमंदों को मिलना चाहिए। क्रीमीलेयर के लोग गरीबों का
हक मारकर आरक्षण का लाभ ले रहा है। व्यापारियों को भी आरक्षण दिया जाए।
व्यापारियों
की प्रमुख मांगों में व्यापारियों को शस्त्र लाइसेंस देकर प्रशिक्षित किया
जाए, वायदा कारोबार प्रतिबंधित करने, व्यापारी आयोग के गठन, जीएसटी में
खाद्यान्न इत्यादि शामिल हैं।
व्यापारियों से 20 दिसंबर को दिल्ली
में व्यापारी महापंचायत में शामिल होने का आह्वान किया। नगर पालिका अध्यक्ष
विनोद जैन, प्रदेश अध्यक्ष मनीष अग्रवाल कल्लू साहू इत्यादि मौजूद रहे।