बांदा। सड़क अवरुद्ध करने के मामले में नामजद विधायक समेत 10 आरोपियों की जमानत अर्जी जनपद न्यायाधीश ने मंजूर कर ली। इनमें दो दिनों पूर्व विधायक समेत तीन आरोपियों को अंतरिम जमानत मिल गई थी। तीन अन्य जमानत न मिलने पर जेल चले गए थे।
किसान समस्याओं को लेकर कांग्रेस विधायक विवेक कुमार सिंह और समर्थकों ने 20 अक्तूबर 2009 को मंडी समिति के सामने बांदा-तिंदवारी मार्ग पर आवागमन ठप कर दिया था। इस पर पुलिस ने विधायक समेत उनके समर्थकों पर संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। सीजेएम कोर्ट से विधायक समेत सभी आरोपियों के खिलाफ गैरजमानती वारंट और कुर्की नोटिस जारी हुई थी। गुरुवार को विधायक और उनके साथ धनंजय सिंह उर्फ टीटू और मनीष श्रीवास्तव ने सीजेएम कोर्ट में सरेंडर किया था।
जिला जज ने उन्हें अंतरिम जमानत देकर स्थाई जमानत के लिए 23 जुलाई (शनिवार) को तिथि मुकर्रर की थी। इसके दूसरे दिन शुक्रवार को इसी मामले में शिव प्रसाद अवस्थी (पोड़ाबाग, अलीगंज), करन सिंह (पद्माकर चौराहा) और धर्मेंद्र सिंह (कालू कुआं) ने सरेंडर कर दिया।
तीनों की जमानत अर्जी खारिज कर सीजेएम ने जेल भेज दिया था।इसके पूर्व 18 जुलाई को इसी मामले में कृष्ण गोपाल, राजबहादुर, कामता सिंह व केके त्रिपाठी सरेंडर करने के बाद जेल भेज दिए गए थे।
शनिवार को इन सभी की अर्जी पर जनपद न्यायाधीश भूपेंद्र सहाय ने सुनवाई के बाद जमानत मंजूर कर ली। इन्हें 40-40 हजार रुपये के दो-दो जमानतदार और इतने ही रकम का बंध पत्र प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं। उधर, विधायक विवेक सिंह ने कहा कि जनहित के लिए वह जेल जाने को भी तैयार हैं। लोकतंत्र में आंदोलन सभी का हक है। पुलिस ने गलत तरीके से मुकदमा कायम किया है।