बांदा। ग्राम पंचायतें गांव के विकास के लिए खुद के आर्थिक स्रोतों की तलाश करें। सरकार के अनुदान पर निर्भर न रहे। परवेज आलम उप निदेशक चित्रकूटधाम मंडल बांदा ने समस्त जिला पंचायत राज अधिकारियों को दिए है।
बताया कि चित्रकूटधाम मंडल के चारों जनपदों बांदा, महोबा, हमीरपुर, चित्रकूट में 1403 ग्राम पंचायतें है। जिनके विकास के लिए हर साल सरकार को चार अरब से अधिक का विभिन्न मदों में बजट देना पड़ता है। सरकार की मंशा है कि ग्राम पंचायतें गांव के विकास के लिए खुद आत्मनिर्भर बने और आर्थिक स्रोतों की तलाश करें। कहा कि ग्राम पंचायतें आय बढ़ाने के गांव के कचरे का संग्रहण कर उसकी आरआरसी सेंटर में छटनी की जाए। कूडे़ से प्राप्त प्लास्टिक की बिक्री की जाए। गोशालाओं में बायो गैस प्लांट लगाए जाए। गोबर गैस व बिजली तैयार कर उसे ग्रामीणों को बेचा जाए। इसके अलावा गोबर गोबर को बर्मी कंपोस्ट बनाने में इस्तेमाल किया जाए।